मथुरा: ब्रज एक ऐसा स्थान है, जहां सभी देवी-देवता आकर राधा रानी और कृष्ण की भक्ति में लीन हुए. राधा रानी और भगवान कृष्ण की सैकड़ों लीलाओं का बखान आपको ब्रज के पत्ते-पत्ते और डाली-डाली में देखने और सुनने को मिलेगा. ब्रज में विभिन्न प्रकार के व्यंजन और धार्मिक त्योहारों के माध्यम से त्योहार पर लगने वाले मंदिरों में भोग का भी विशेष महत्व है. राधा रानी को एक विशेष प्रकार का व्यंजन बेहद पसंद था. द्वापर युग से राधा रानी के उस विशेष व्यंजन का भोग अर्पित होता चला आ रहा है.
ब्रज में हर दिन देखने को मिलती है धार्मिक आस्था
ब्रज धार्मिक दृष्टि से विश्व में एक अलग ही पहचान रखता है. यहां हर दिन त्योहारों का मनाने का सिलसिला जारी रहता है. ब्रज में भगवान कृष्ण और राधा ने जो लीलाएं कीं, उन स्थानों का भी एक अलग महत्व है और महत्वता को देखते हुए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव, बरसाना उनकी लीलाओं का दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. ब्रज में राधा-कृष्ण का जन्म उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.
राधाष्टमी पर खास होगा राधा रानी का जन्मोत्सव
कुछ दिन पूर्व भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया और 18, 19 सितंबर को राधा रानी का जन्मोत्सव भी अद्भुत और अलौकिक रूप में मनाया जाएगा. राधा रानी को विभिन्न प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं, लेकिन एक व्यंजन ऐसा है, जो राधा रानी को अर्पित न किया जाए या उनका भोग उस व्यंजन से न लगाया जाए, तो उनका भोग अधूरा माना जाता है. अलबेली सरकार मंदिर के पुजारी गौरांग शर्मा ने राधाष्टमी पर लगने वाले उस विशेष प्रकार के व्यंजन के बारे में बताया.
राधा रानी को पसंद है अरबी की सब्जी
लोकल 18 से बातचीत के दौरान गौरांग शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं और ब्रज की परंपराओं के अनुसार, अरबी, विशेषकर दही अरबी की रेसिपी, लाड़ली जी यानी राधा रानी के सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक है. वृंदावन, बरसाना और पूरे ब्रज क्षेत्र में यह परंपरा है कि राधाष्टमी पर उन्हें प्रसन्न करने के लिए उनके मनपसंद सात्विक व्यंजनों में अरबी की सब्जी जरूर शामिल की जाती है.
कंदमूल की श्रेणी में आती है अरबी
अगर आप राधाष्टमी से जुड़ी पूजा विधि या भोग बनाने की पारंपरिक विधि के बारे में जानना चाहते हैं, तो अरबी कंदमूल की श्रेणी में आती है और कंदमूल ब्रज की उस पावन धरती के नीचे पाया जाता है. राधा रानी का यह उत्सव बेहद खास होने वाला है.

