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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र से एक बेहद दहला देने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है. मोबाइल फोन की किस्त न चुका पाने पर फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने एक गरीब मजदूर नेवल कुमार का अपहरण कर लिया. आरोप है कि उसे चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, इस दौरान उसके शरीर से जबरन एक यूनिट खून निकलवाया गया और परिजनों से ऑनलाइन पैसे वसूले गए. पीड़ित परिवार की शिकायत और पुलिस में तहरीर देने के बाद आरोपी एजेंटों ने किसी तरह मजदूर को छोड़ा. पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है.
युवक किस्त नहीं चुका पाया तो रिकवरी एजेंटों ने किडनैप कर निकाल लिया खून.
लखनऊ: मोबाइल का शौक रखने वाले एक युवक को किस्त न चुकाना काफी भारी पड़ा. मोबाइल खरीदने के पैसे नहीं थे, तो मजदूरी करने वाले युवक ने किस्तों पर फोन खरीद लिया. अब जब किस्त नहीं चुका पा रहा था, तो फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने मजदूर का अपहरण कर बर्बरता की. सामने आए वीडियो में युवक अपना दर्द बयां कर रहा, जिसमें उसने बताया कि रिकवरी एजेंटों ने किडनैप करके उसका एक यूनिट खून निकाल लिया और घरवालों से पैसे भी ले लिए. हालांकि, जब परिवार वालों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई तो उन्होंने उसे रिलीज कर दिया.
ये मामला निगोहां थाना के राजारामखेड़ा पुरहिया गांव के मजदूर नेवल कुमार (पुत्र शिवलाल) का है. कुछ समय पहले स्थानीय गीता मोबाइल शॉप एंड इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम से किस्तों पर एक मोबाइल फोन फाइनेंस कराया था. आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण नेवल कुछ महीनों की किस्त समय पर जमा नहीं कर पाया था. इसी बात से खुन्नस खाए फाइनेंस एजेंटों ने उसे सबक सिखाने के नाम पर खौफनाक साजिश रची.
पीड़ित परिवार द्वारा थाने में दी गई लिखित तहरीर के मुताबिक, गत 8 सितंबर 2026 को शाम करीब 5 बजे फाइनेंस एजेंट शुभम सिंह अपने साथियों के साथ पहुंचा और स्कूटी (UP 32 RL 8613) पर जबरन नेवल को बैठाकर अगवा कर लिया. इसके बाद आरोपी उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गए और लगातार चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा.
खून निकलवाने के साथ की गई पैसों की अवैध वसूली
आरोपियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी; बंधक बनाए रखने के दौरान वे नेवल को एक अस्पताल ले गए, जहां दबाव बनाकर उसके शरीर से जबरन एक यूनिट खून निकलवा लिया गया. इसके बाद आरोपियों ने नेवल के भाई के मोबाइल पर फोन कर किस्त के नाम पर पहले ऑनलाइन QR कोड के जरिए 2,799 रुपये ट्रांसफर करवाए. इतने से भी जब उनका दिल नहीं भरा, तो आरोपियों ने नेवल को छोड़ने की एवज में परिवार से 12,500 रुपये की और मांग की. पैसे न मिलने पर उसे गोमती नदी के पास ले जाकर जान से मारने और वहीं फेंकने की धमकी दी गई.
पुलिस शिकायत के बाद छोड़ा
लगातार मिल रही धमकियों और अपने भाई की जान के आसन्न खतरे को भांपते हुए पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाई और तुरंत निगोहां थाने पहुंचकर नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और जान से मारने की धमकी की तहरीर दी. पुलिस की सक्रियता और दबाव बढ़ने पर आखिरकार डरे-सहमे एजेंटों ने मजदूर नेवल को मुक्त किया.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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