यूपी के महराजगंज में विधायक निधि में कथित लेनदेन से जुड़े स्टिंग वीडियो के वायरल होने पर डीआरडीए के वरिष्ठ सहायक अर्जुन कुमार गौतम के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। पीडी रामदरस चौधरी की तहरीर पर हुई कार्रवाई से विकास भवन में हड़कंप मचा है। वायरल वीडियो की पुष्टि हिन्दुस्तान नहीं करता।

सांकेतिक चित्र
यूपी के महराजगंज में विकास भवन के जिला ग्राम्य विकास अभिकरण तैनात वरिष्ठ सहायक अर्जुन कुमार गौतम के खिलाफ विधायक निधि में कथित लेनदेन से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो वायरल होने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। परियोजना निदेशक रामदरस चौधरी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर बीते सात सितंबर को डीआरडीए में तैनात वरिष्ठ सहायक का विधायक निधि में लेनदेन संबंधी स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो वायरल हुआ।
डीआरडीए के बाबू पर केस
जिसके बाद विकास भवन में हड़कंप गया। मामले में किरकिरी होते देख पांच दिन बाद डीआरडीए के पीडी रामदरश चौधरी ने कोतवाली में तहरीर दी। इसके आधार पर कोतवाली पुलिस अर्जुन कुमार गौतम के खिलाफ केस दर्ज किया। इससे पहले सदर विधायक का भी एक कथित वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि इस वायरल वीडियो की सत्यता की हिन्दुस्तान पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो में बोला बाबू-जेई, एई से पीडी तक बंटता है कमीशन
सोशल मीडियो पर वायरल वीडियो में डीआरडीए के एक वरिष्ठ लिपिक पर विधायक निधि के विकास कार्यों में पांच फीसदी कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगा है। कथित वीडियो में बाबू यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि पांच फीसदी कमीशन केवल उसके लिए नहीं है, बल्कि इसमें टेक्निकल टीम, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, एकाउंटेंट व पीडी समेत कई अधिकारियों का हिस्सा तय होता है।
10 लाख का विकास कार्य के लिए 52 हजार कमीशन
आरोप है कि विधायक निधि के साढ़े दस लाख रुपये के विकास कार्य का वर्क ऑर्डर जारी करने के बदले बाबू ने 52 हजार 500 रुपये बतौर कमीशन मांगे। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि बाबू ने इसमें से आठ हजार रुपये अग्रिम के रूप में ले भी लिए और शेष राशि वर्क ऑर्डर के साथ लाने की बात कही। जब उससे कमीशन को लेकर सवाल किया गया, तो वह यह कहता सुनाई दिया कि यह कोई नई बात नहीं है, सभी विधायकों की निधि में यही व्यवस्था चलती है।


