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शिवपुराण कथा में शामिल हुए CM योगी, अकबर-तुलसीदास का किस्सा सुनाया, बोले- धर्म समाज की शक्ति, Uttar-pradesh Hindi News

Admin by Admin
September 13, 2026
in उत्तर प्रदेश
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शिवपुराण कथा में शामिल हुए CM योगी, अकबर-तुलसीदास का किस्सा सुनाया, बोले- धर्म समाज की शक्ति, Uttar-pradesh Hindi News

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रायबरेली के ऊंचाहार में शिव महापुराण कथा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को समाज की जीवनशक्ति बताया। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के हमलों के दौर में गोस्वामी तुलसीदास ने रामकथा के जरिए समाज को एकजुट किया। योगी ने अकबर-तुलसीदास का किस्सा भी सुनाया।

यूपी के रायबरेली के ऊंचाहार में चड़रई टोल प्लाजा के पास चल रही सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस दौरान सनातन के महत्व बताते हुए कहा कि हमने धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं रखा बल्कि हमने उसे समाज की जीवन शक्ति के रूप में माना है। राजनीतिक कमजोरियों के कारण यह देश विदेशी आक्रांताओं का सामना करने के लिए मजबूर हुआ था। इस दौरान सीएम योगी ने अकबर और गोस्वामी तुलसीदार का किस्सा भी सुनाया। उन्होने कहा कि जब मध्यकाल में जब सनातन धर्म पर विदेशी आक्रांताओं के हमले हो रहे थे, तब गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामकथा के माध्यम से समाज को एकजुट किया।

अकबर-तुलसीदार का किस्सा सुनाया

सीएम योगी ने गोस्वामी तुलसीदास जी का जिक्र करते हुए कहा कि तुलसीदास जी को मुगल बादशाह अकबर के दरबार के नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था। जब उन्हें अकबर का बुलावा मिला, तो उन्होंने पूछा कि “अकबर कौन है?” लोगों ने बताया कि वे भारत के राजा हैं, सम्राट हैं, जिस पर तुलसीदास ने कहा कि मेरा केवल एक ही राजा और बादशाह भगवान श्री राम हैं। मैं राम के अलावा किसी विदेशी अकबर को अपना राजा नहीं मानता।

सनातन धर्म समाज को शक्ति देता है- योगी

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म में भगवान शिव की भक्ति पूरे भारत में होती है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक श्रद्धालु शिवलिंग के रूप में महादेव की आराधना करते हैं। धार्मिक कथाओं के श्रवण से अंतःकरण आनंदित होता है और भक्ति में शक्ति भी होती है। भगवान शिव लोकमंगल के लिए विष धारण करने वाले कल्याण के देवता हैं, जो नकारात्मक शक्तियों का नाश करते हैं। रामकथा के माध्यम से तुलसीदास ने समाज को जोड़ने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक भारत की धरती पर ऐसी पावन कथाएं होती रहेंगी, तब तक देश का अहित कोई नहीं कर सकता। उन्होंने आयोजन के लिए कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय को बधाई भी दी। इसके साथ ही सीएम योगी ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से बातचीत भी की और शिवपुराण व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवा रंग का वस्त्र ओढ़ाकर सीएम योगी का स्वागत किया।

ईश्वर की भक्ति से पूरी हो जाती हैं मनोकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन परंपरा में जिसे ईश्वर की भक्ति प्राप्त हो गई, मानो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो गईं। अवध की धरती इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। रामायण में प्रभु की भक्ति हनुमान जी को मिली तो वे लोकपूज्य हो गए। आज भी प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी हनुमान की पूजा और अनुष्ठान से जुड़कर स्वयं को धन्य महसूस करता है। शिव भक्ति भी मनुष्य को इसी प्रकार लोकमंगल और कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ाती है।

देश में भगवान शिव के प्रति भक्ति भाव एक है

उन्होने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में वेशभूषा, खान-पान और रहन-सहन अलग हो सकता है, लेकिन शिव के प्रति भक्ति का भाव एक है। तमिलनाडु के नागरिकों में शिव के प्रति जो भक्ति है, वही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालुओं में दिखाई देती है। पूर्वोत्तर से लेकर महाराष्ट्र और गुजरात तक यही भाव है। शिव के ज्योतिर्लिंग उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। आपको बता दें कार्यक्रम के पहले दिन कथा प्रवाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर को पाने के लिए कपड़े बदलने की जरूरत नहीं, बल्कि अपना कलेजा बदलने की जरूरत है।

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