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Hockey India announced rewards: हॉकी इंडिया ने महिला जूनियर एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 1.5 लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है. भारत ने फाइनल में मेजबान चीन को 1-0 से हराकर खिताबी हैट्रिक पूरी की. सनिका चंद्रकांत माने के 17वें मिनट में दागे गए निर्णायक गोल की बदौलत भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही. इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया है.
चैंपियन खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये कैश प्राइज के तौर पर दिए जाएंगे.
नई दिल्ली. हॉकी इंडिया ने लगातार तीसरी बार महिला जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब जीतने पर चैंपियन खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद चैंपियनशिप जीतने वाली भारतीय टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है. एशिया में अपनी बादशाहत कायम करने के साथ ही भारतीय टीम ने एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया है.
चीन के हुलुनबुइर स्थित मोकी ट्रेनिंग बेस में खेले गए एक बेहद तनावपूर्ण और रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार यानी खिताबी हैट्रिक पूरी करते हुए महिला जूनियर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम रखी. इस खिताबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच का सबसे बड़ा अंतर सनिका चंद्रकांत माने का 17वें मिनट में किया गया वह एकमात्र गोल साबित हुआ. खेल के दूसरे क्वार्टर में माने ने मिले मौके को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की अहम बढ़त दिलाई. इसके बाद डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने पूरे मैच के दौरान अनुशासन और रक्षात्मक मजबूती का बेजोड़ नमूना पेश करते हुए इस मामूली बढ़त की आखिरी सीटी बजने तक रक्षा की और पूरे टूर्नामेंट में बिना कोई मैच गंवाए महाद्वीपीय ताज अपने पास बरकरार रखा. वर्ष 2023 और 2024 के सफल अभियानों के बाद भारत का यह लगातार तीसरा एशिया कप खिताब है.
चैंपियन खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये कैश प्राइज के तौर पर दिए जाएंगे.
विश्व कप का टिकट और प्रदर्शन के दो पहलू
इस जीत ने न केवल भारत का वर्चस्व कायम रखा, बल्कि जूनियर विश्व कप में उनकी जगह भी सुरक्षित कर दी. यह टूर्नामेंट भारतीय जूनियर महिला टीम के दो अलग-अलग स्वरूपों का गवाह बना. एक तरफ जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक खेल से विरोधियों को ध्वस्त किया, वहीं दूसरी तरफ फाइनल जैसे बड़े और दबाव वाले मुकाबले में जब धैर्य और रक्षात्मक अनुशासन की सख्त जरूरत थी, तो भारतीय खिलाड़ियों ने मेजबान चीन के खिलाफ एक गोल की बढ़त को अंत तक बचाकर जीत का रास्ता तलाश लिया.
चीन के खिलाफ गतिरोध और माने का निर्णायक गोल
दरअसल, चीन ने टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में ही यह संकेत दे दिया था कि वह भारत के खतरनाक आक्रमण को रोकने में सक्षम है. एलीट पूल के अपने मैच में दोनों देश 0-0 से बराबरी पर रहे थे, जो पूरे प्रतियोगिता में इकलौता ऐसा मैच था जहां भारतीय फॉरवर्ड एक भी गोल नहीं दाग सके थे. हालांकि, उस ड्रॉ के बावजूद भारत तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ कुल 10 अंक हासिल करके अपने पूल में शीर्ष पर रहा था. लेकिन फाइनल मुकाबला कहीं अधिक बड़े दांव और भारी दबाव वाला था, क्योंकि सामने खिताब की लड़ाई थी और चीन अपनी घरेलू सरजमीं पर खेल रहा था. माने ने इस बार गतिरोध को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया और 17वें मिनट में गोल दागकर भारत को राहत की सांस दी.
पूल चरण में भारतीय टीम का दबदबा
भारत की फाइनल तक की यात्रा बेहद दबदबे वाली रही थी. अपने अभियान की शुरुआत भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर की थी. इसके बाद अगले मैच में मलेशिया को 11-1 से रौंदकर अपने इरादे साफ कर दिए. आक्रामक लय बरकरार रखते हुए भारत ने जापान को 7-0 से शिकस्त दी और फिर चीन के साथ 0-0 का ड्रॉ खेलकर एलिट पूल में पहला स्थान प्राप्त किया.
पाकिस्तान पर 19-0 की ऐतिहासिक जीत
क्वार्टर फाइनल में तो भारत का दबदबा और भी विकराल रूप में नजर आया. पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए नॉकआउट मुकाबले में भारतीय टीम ने 19-0 के अंतर से एकतरफा और विशाल जीत दर्ज की. मैच के चारों क्वार्टर में लगातार गोल हुए और सनिका चंद्रकांत माने ने इस मैच में भी दो बार गेंद को जाल में पहुंचाकर टीम को अंतिम चार में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
सुप्रिया की हैट्रिक से फाइनल का रास्ता आसान
सेमीफाइनल में भारत का सामना एक बार फिर दक्षिण कोरिया से हुआ, लेकिन इस बार भारतीय जीत पिछले मुकाबले से भी अधिक प्रभावकारी रही. ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ सुप्रिया ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की अपनी महारत का प्रदर्शन करते हुए शानदार हैट्रिक बनाई. सुप्रिया के तीन गोलों के अलावा मधु सिदार और सुखवीर कौर ने एक-एक गोल का योगदान दिया, जिससे भारत ने कोरिया को 5-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई. दूसरी ओर, चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को 6-0 से करारी शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया था.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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