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जापान में होने वाले एशियन गेम्स से पहले वुशु प्लेयर दिव्यांशी चौधरी ने नेशनल फेडरेशन पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है. दिव्यांशी ने ये आरोप उन्हें स्क्वाड से बाहर किए जाने के बाद लगाया. दूसरी तरफ फेडरेशन ने दिव्यांशी को मेडिकल आधार पर एशियन गेम्स के भारतीय स्क्वाड से बाहर किए जाने का हवाला दिया है.
वुशु प्लेयर दिव्यांशी चौधरी
नई दिल्ली: मेडिकल आधार पर एशियाई खेलों की टीम से बाहर की गई वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि जापान में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी जगह दूसरी खिलाड़ी को शामिल कर लिया गया.
खेल मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी सूची में दिव्यांशी को आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए सात सदस्यीय वुशु टीम में शामिल किया गया था. लेकिन शुक्रवार को महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में उनकी जगह दो बार की एशियाई खेल पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को शामिल कर लिया गया. इसका कारण बताया गया कि दिव्यांशी के (एसीएल टीयर) चोट लगी है.
भारतीय वुशु संघ ने किया दिव्यांशी को चोट लगने का दावा
भारतीय वुशु संघ (डब्ल्यूएआई) ने दावा किया कि खिलाड़ी के एमआरआई में ‘एसीएल’ में चोट और काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने की बात सामने आई थी, इसी वजह से उन्हें टीम से हटाया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दिव्यांशी ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में बहुत परेशान हो चुकी हूं. जून, जुलाई से लेकर अब सितंबर तक मुझे मानसिक रूप से बहुत परेशान किया गया है. मुझे इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह (रोशिबिना) एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं. ’’
भारतीय खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने आत्महत्या करने की बात कही है।
वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का नाम जापान एशियन गेम्स 2026 से आखिरी वक्त में काट दिया गया। जून में टीम में जगह और जर्सी मिलने के बाद 11 सितंबर के अपडेट में जगह नाओरेम रोशिबीना देवी को दे दी गई। टीम से गलत तरीके से… pic.twitter.com/kXXGhv3qzH

