@जे0 के0…..
— विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को माइक्रोप्लान के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश

Sonbhadra। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण के सफल संचालन हेतु दिनांक 23 जून, 2026 को मुख्य विकास अधिकारी महोदया की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय प्रथम अंतरविभागीय समन्वय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करना था।
बैठक में ग्राम विकास विभाग, नगर पालिका/नगर पंचायत, पशुपालन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सूचना विभाग, उद्यान विभाग तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का शुभारम्भ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया गया। इस दौरान वीबीडी कंसल्टेंट, सोनभद्र द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की गाइडलाइन एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी महोदया ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव, हाथ धोने की सही विधि तथा पूर्ण आस्तीन की वर्दी पहनने के प्रति जागरूक किया जाए। विद्यालयों में हैंडवॉश की उपलब्धता, किचन की नियमित साफ-सफाई तथा संचारी रोगों से बचाव संबंधी गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने के निर्देश दिए गए।
समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जल निकासी एवं कचरा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर एंटी लार्वल छिड़काव एवं फॉगिंग कराई जाए तथा उसकी फोटो संचारी रोग नियंत्रण व्हाट्सएप समूह में साझा की जाए। साथ ही बड़े डम्पिंग यार्डों की विशेष सफाई एवं वेक्टर नियंत्रण गतिविधियों का संचालन किया जाए।

ग्राम विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि दस्त नियंत्रण के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा माइक्रोप्लान के अनुसार अभियान की गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में चिन्हित सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई एवं वेक्टर नियंत्रण कार्य कराया जाए तथा ग्राम प्रधानों द्वारा बैठक एवं गोष्ठियों के माध्यम से अभियान का शुभारम्भ किया जाए।
पशुपालन एवं कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि स्क्रब टाइफस एवं लैप्टोस्पायरोसिस जैसे रोगों की रोकथाम हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। खाद्य विभाग को मानसून के दौरान कटे फलों एवं मानकविहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया कि मच्छर विकर्षी पौधों जैसे तुलसी, लेमनग्रास, पुदीना एवं गेंदा आदि का रोपण प्रमुख सार्वजनिक स्थलों एवं कार्यालय परिसरों में कराया जाए। इसके अतिरिक्त सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी विभागीय बैठकें आयोजित कर माइक्रोप्लान तैयार करने तथा अभियान की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोनभद्र द्वारा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।





