इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के पैतृक संपत्ति विवाद में रिश्तेदार गायत्री देवी समेत तीन याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। कोर्ट ने जांच में सहयोग की शर्त पर राहत दी है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी।

एक्टर चंद्रचूड़ सिंह के पैतृक संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट का आदेश
बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह से जुड़े पैतृक संपत्ति विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके रिश्तेदारों गायत्री देवी समेत तीन याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह राहत जांच में सहयोग करने की शर्त पर दी है। न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को तय की है। मामला अलीगढ़ के रोरावर थाने में 14 अगस्त 2026 को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। प्राथमिकी के मुताबिक चंद्रचूड़ सिंह के छोटे भाई अभिमन्यु की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई। आरोप है कि उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह की एक कथित वसीयत तैयार कर पैतृक संपत्ति पर अधिकार जताने और बाद में कुछ संपत्तियां बेचने का प्रयास किया गया। परिवार ने वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं।
संपत्ति की वसीयत पर उठे सवाल
शिकायत के अनुसार, कथित वसीयत 30 जनवरी 1997 की है, जबकि हरेंद्र पाल सिंह की अगले ही दिन दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। परिवार का आरोप है कि उस समय वह गंभीर रूप से बीमार और दिसंबर 1996 से बिस्तर पर थे। वसीयत में दर्ज हस्ताक्षरों को भी संदिग्ध बताया गया है। विवादित दस्तावेज के आधार पर अलीगढ़ के अशरफपुर जलाल गांव की कृषि भूमि और खैर रोड स्थित पुरानी पारिवारिक हवेली पर अधिकार जताने का आरोप है प्राथमिकी में गायत्री देवी, उनके बेटे जय, बेटी अंजनी समेत सात नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। पुलिस विवादित वसीयत, संपत्ति के अभिलेख, हस्ताक्षर और गवाहों के बयान की जांच कर रही है।
30 अक्तूबर को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने पक्ष रखा। जबकि चंद्रचूड़ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी ने पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाए गए तथ्यों और दलीलों पर मामले को विचार की आवश्यकता है। प्रतिवादी को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। राज्य के अपर शासकीय अधिवक्ता को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।

