प्रदेश के सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई कोर ग्रुप का गठन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह ग्रुप प्री-प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था को सुधारेगा। परिषदीय स्कूलों के 200 मीटर के दायरे में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों जो गैर विभागीय भवन में चल रहे हैं उन्हें विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराएंगे।

यूपी के हर जिले में बनेगा ECCE कोर ग्रुप, प्री-प्राइमरी स्कूलों को चमकाने का चलेगा अभियान
उत्तर प्रदेश में प्री-प्राइमरी स्कूलों में अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) कोर ग्रुप व्यवस्था सुधारकर उन्हें चमकाएगा। जिलों में इन प्री-प्राइमरी स्कूलों में बेहतर संसाधनों के साथ तीन वर्ष से छह वर्ष की आयु तक के बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिले इसके लिए यह छह सदस्यीय टीम काम करेगी। प्रवेश बढ़ाने और 70 प्रतिशत उपस्थिति पर जोर दिया जाएगा। छात्रों का समग्र रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा और उन्हें निपुण बनाया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई कोर ग्रुप का गठन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें जिला समन्वयक निपुण या प्रशिक्षण, एक नोडल स्टेट रिसोर्स ग्रुप सदस्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य की ओर से नामित एक नोडल प्रवक्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से नामित एक अकादमिक रिसोर्स पर्सन, एक शिक्षक संकुल सदस्य और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का एक बाल विकास परियोजना अधिकारी इस कोर ग्रुप में शामिल होंगे।
परिषदीय स्कूलों के 200 मीटर के दायरे में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों जो गैर विभागीय भवन में चल रहे हैं उन्हें विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराएंगे। प्री-प्राइमरी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने पर जोर देंगे, यह प्री-प्राइमरी स्कूलों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। यह लोगों को प्री-प्राइमरी शिक्षा का महत्व बताने को जागरूकता अभियान चलाएंगे, शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण व क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला आयोजित कराएंगे। यही नहीं बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर समय-समय पर आने वाली समस्याओं का समाधान कराएंगे।
प्री-प्राइमरी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण खेल-आधारित एवं बाल केंद्रित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित कराने का कार्य यह ईसीसीई कोर ग्रुप करेगा। प्री-प्राइमरी स्कूलों में निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को गणित व भाषा में दक्ष बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूलों में चार लर्निंग कॉर्नर भी स्थापित किए जा रहे हैं।
प्री-प्राइमरी स्कूलों में खेल-खेल में होगी रोचक पढ़ाई
यूपी में परिषदीय प्री-प्राइमरी स्कूलों में प्ले स्कूल की तरह सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। 54109 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में 81 करोड़ रुपये पठन-पाठन की सामग्री और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। बेसिक शिक्षा और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग संयुक्त रूप से 54109 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं को विकसित करने में जुटा हुआ है। जिसके तहत अब इन केंद्रों में बच्चों के लिए रंगीन चाक, सफेद चाक, चार्ट पेपर, पेंटिंग ब्रश, क्रियांश, हिंदी और इंग्लिश प्लास्टिक अल्फाबेट, वाटर कलर, डिसप्ले बोर्ड जैसी सामग्री पढ़ाई के लिए खरीदी जा रही हैं। हाल ही में प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की स्वीकृति के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए 54 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था।

