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Brahmin Politics in UP Chuanav 2027: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी आराधना शुक्ला ने अपनी बेटी अधिवक्ता पौलोमी शुक्ला शर्मा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है. 2027 के चुनाव से पहले हुई इस शिष्टाचार भेंट ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं. जानिए इस मुलाकात के पीछे के संभावित सियासी समीकरण.
सीएम योगी से मिलीं पूर्व आईएएस अधिकारी आराधना शुक्ला.
लखनऊ. यूपी कैडर की 1989 बैच की रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आराधना शुक्ला ने हाल ही में लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से भेंट की है. इस मुलाकात के दौरान आराधना शुक्ला के साथ उनकी बेटी और अधिवक्ता पौलोमी शुक्ला शर्मा भी मौजूद रहीं. पौलोमी शुक्ला शर्मा के पति प्रशांत शर्मा भी एक आईएएस अधिकारी हैं. इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गईं. जानते हैं कौन हैं आरधना शुक्ला और यूपी चुनाव 2027 से पहले अचानक बेटी के साथ सीएम योगी से क्यों मिली? क्या यूपी चुनाव 2027 में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए बीजेपी नया नैरेटिव सेट कर ही है? राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और राम मंदिर के नए और पहले सीईओ जितेंद्र मिश्रा के बाद आरधना शुक्ला या उनकी बेटी भी यूपी की सियासत में एंट्री लेने जा रही हैं?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही राजधानी लखनऊ की प्रशासनिक और राजनीतिक आबो-हवा में नई सरगर्मियां देखने को मिल रही हैं. हाल ही में यूपी कैडर की 1989 बैच की सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आराधना शुक्ला ने मुख्यमंत्री आवास पर जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की है. इस मुलाकात के दौरान आराधना शुक्ला के साथ उनकी बेटी, सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता पौलोमी शुक्ला शर्मा भी मौजूद रहीं. पौलोमी शुक्ला यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी प्रशांत शर्मा की पत्नी हैं. इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आते ही प्रशासनिक गलियारों से लेकर सत्ता के गलियारों तक अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.
कौन हैं आराधना शुक्ला और क्यों अहम है यह मुलाकात?
आराधना शुक्ला उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में एक बड़ा और जाना-माना नाम रही हैं. वे माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और आयुष जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपर मुख्य सचिव के पद पर तैनात रह चुकी हैं. योगी सरकार के पहले और दूसरे कार्यकाल के दौरान कई बड़े प्रशासनिक फैसलों में उनकी अहम भूमिका रही है. वहीं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट पौलोमी शुक्ला अनाथ और वंचित बच्चों के अधिकारों और कल्याण को लेकर लगातार काम करती रही हैं. ‘फोर्ब्स 30 अंडर 30’ सूची में स्थान पा चुकीं पौलोमी ने अनाथ बच्चों की शिक्षा और अधिकारों को लेकर कानून बनाने की दिशा में सामाजिक अभियान चलाया है.
2027 चुनाव से पहले अचानक मुलाकात के क्या हैं मायने?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले किसी कद्दावर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और उनके परिवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात केवल एक साधारण शिष्टाचार भेंट तक सीमित नहीं होती. इसके पीछे जरूर ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की रणनीति है. उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय आबादी का लगभग 10% से 11% हिस्सा है और यह वर्ग चुनाव में पारंपरिक रूप से एक बड़ा ओपिनियन मेकर माना जाता है. राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्र के बाद अब आराधना शुक्ला या उनकी बेटी पौलोमी शुक्ला जैसे प्रभावशाली चेहरों को आगे लाकर बीजेपी यह संदेश देने की कोशिश में है कि शिक्षित और प्रशासनिक बैकग्राउंड वाले ब्राह्मण परिवारों को शासन और संगठन में उचित सम्मान दिया जा रहा है.
आराधना शुक्ला (फाइल फोटो)
पौलोमी शुक्ला की राजनीति में संभावित एंट्री?
पौलोमी शुक्ला का लीगल, सोशल और यूथ प्रोफाइल काफी मजबूत है. कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 के चुनाव या उससे पहले बीजेपी संगठन के किसी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ, राज्य महिला आयोग या किसी प्रमुख राजनीतिक मंच पर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. वहीं अराधना शुक्ला सेवानिवृत्ति के बाद भी वरिष्ठ नौकरशाहों के अनुभव का उपयोग आयोगों या सलाहकारी भूमिकाओं में करने की परंपरा रही है. हो सकता है सीएम योगी अराधना शुक्ला को नई जिम्मेदारी दें.
क्या बीजेपी सेट कर रही है नया संतुलन?
2024 के लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपने सामाजिक ताने-बाने को दुरुस्त करने में जुटी है. एक तरफ जहां अति-पिछड़ों और दलितों को साधने के लिए नए समीकरण बनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अपने पारंपरिक ब्राह्मण वोट बैंक के बीच यह मैसेजिंग देना जरूरी हो गया है कि नेतृत्व उनके साथ मजबूती से खड़ा है.
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में श्रीमती आराधना शुक्ला जी, IAS (से.नि.) ने शिष्टाचार भेंट की।इस अवसर पर श्रीमती पालोमी पावनी शुक्ला जी भी उपस्थित रहीं। pic.twitter.com/UkxPW08sK6

