लखनऊ में धरने के बाद मंत्री संजय निषाद धरना देने शुक्रवार को गोंडा पहुंच गए। इस दौरान अफसरों को भी खूब सुनाया। विनोद साहनी के हत्यारों पर बुलडोजर ऐक्शन और पीड़ित परिवार को नौकरी के साथ मुआवजा की मांग बुलंद की।
यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद इन दिनों विपक्षी नेताओं की तरह बार-बार आंदोलित हो जा रहे हैं। गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या को लेकर गुरुवार की रात लखनऊ में धरने पर बैठ गए। शुक्रवार को गोंडा पहुंचकर कलक्ट्रेट का घेराव कर लिया। यहां पैदल मार्च निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। अफसरों को भी खूब सुनाया। विनोद साहनी के हत्यारों पर बुलडोजर ऐक्शन और पीड़ित परिवार को नौकरी के साथ मुआवजा की मांग बुलंद की। दोषी पुलिस वालों पर एफआईआर और पकड़े गए आरोपियों पर एनएसए लगाने की भी मांग की।
लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस पर दिया धरना
गोंडा के परसपुर के रेक्सड़िया गांव निवासी बर्तन कारोबारी विनोद साहनी पर सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद में कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। गुरुवार की शाम लखनऊ में उनकी मौत हो गई। इसके बाद सपा, आजाद समाज पार्टी, बिहार के मुकेश सहनी की पार्टी के साथ ही संजय निषाद भी आंदोलित हो गए। वह देर शाम पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और धरने पर बैठ गए। धरना स्थल से ही गोंडा के अधिकारियों को फोन कर आरोपियों पर सख्त ऐक्शन और बुलडोजर की मांग कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर गोंडा आकर प्रदर्शन का ऐलान भी कर दिया।
इसी ऐलान के तहत वह शुक्रवार को गोंडा पहुंच गए और इलाके की पूरी चौकी को निलंबित करने की मांग भी जोड़ दी। अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मंशा साफ जाहिर की। मंत्री के रुख को देख अधिकारियों को हाथ पांव फूल गए। अपने समर्थकों के साथ संजय निषाद सर्किट हाउस हाउस पहुंचे। यहां डीएम प्रियंका निरंजन और एसपी अभिषेक से हत्याकांड को लेकर आक्रोश जताया। मृतक के परिवारीजन को भी सर्किट हाउस बुलाया गया। इस दौरान सर्किट हाउस के बाहर कार्यकर्ता का विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी जारी रही।
मंत्री के रुख पर तीन की गिरफ्तारी, कई निलंबित
संजय निषाद के आक्रोश को देख पुलिस रात में ही एक्टिव हो गई। तीन नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके साथ ही एसपी ने थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी, चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट आरक्षी को निलंबित कर दिया है।
एसपी अभिषेक के अनुसार नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत तीन को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच कराई जा रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है।
भारी पुलिस फोर्स देख भड़के संजय निषाद
डॉ. संजय निषाद ने एक दिन पहले ही गोंडा पहुंचने की चेतावनी दी थी। वह पहुंची तो हर तरफ पुलिस फोर्स नजर आई। इस पर वह बिफर गए और नाराजगी जताई। कहा कि निषाद समाज के लोग गुंडा बदमाश हैं कि इस तरह की फोर्स लगाई गई है। शुक्र मनाइए कि हम आए हैं। अगर सपा वाले आते तो क्या होता। मेरठ में इसी तरह से हुआ है। समाज के लोग आक्रोशित हैं। उनके आक्रोश को मत बढ़ाईए।

