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Bhilwara News: मजदूर की बेटी संध्या विश्नोई ने विश्व मंच पर जीता सिल्वर, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ ऐतिहासिक स्वागत

Admin by Admin
September 11, 2026
in खेल
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Bhilwara News: मजदूर की बेटी संध्या विश्नोई ने विश्व मंच पर जीता सिल्वर, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ ऐतिहासिक स्वागत


Last Updated:August 02, 2026, 19:54 IST

Bhilwara Hindi News: भीलवाड़ा की प्रतिभाशाली खिलाड़ी संध्या विश्नोई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर जिले और देश का गौरव बढ़ाया है. मजदूर परिवार से आने वाली संध्या की इस उपलब्धि ने संघर्ष, मेहनत और लगन की नई मिसाल पेश की है. पदक जीतकर घर लौटने पर उनका ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार स्वागत किया गया. बड़ी संख्या में लोगों ने उनका अभिनंदन कर इस उपलब्धि पर खुशी जताई. संध्या की सफलता युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है और यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है.

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मजदूर की बेटी संध्या विश्नोई ने विश्व मंच पर जीता सिल्वरZoom

भीलवाड़ा: भीलवाड़ा की बेटी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बुलंद हौसलों के आगे कोई मंजिल दूर नहीं होती. जिले के उपनगर पुर की रहने वाली युवा पहलवान संध्या विश्नोई ने अजरबैजान के बाकू में आयोजित अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 46 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत और भीलवाड़ा का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है.

विश्व चैंपियनशिप से स्वदेश लौटने के बाद जब संध्या भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचीं तो उनका स्वागत किसी विजेता से कम नहीं था. खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया. ढोल-नगाड़ों की गूंज, भारत माता के जयघोष और उत्साह से पूरा रेलवे स्टेशन गौरव के रंग में रंगा नजर आया.

गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा सबसे ऊंचा
संध्या विश्नोई ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह लगातार कुश्ती की कठिन साधना कर रही हैं. विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और मामा को देते हुए कहा कि उनके विश्वास, त्याग और मेहनत ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. संध्या ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराना है.

फाइनल का टिकट हासिल किया
संध्या के कोच कल्याण विश्नोई ने बताया कि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया. पहले मुकाबले में पोलैंड की पहलवान को 10-0 से हराया. इसके बाद क्वार्टर फाइनल में रूस की पहलवान को भी 10-0 से शिकस्त दी. सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की पहलवान इनजहू को महज 30 सेकंड में शानदार दांव लगाकर चित करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया. स्वर्ण पदक मुकाबले में जापान की कोकोना मंकीनो से उन्हें 11-2 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया. कोच ने कहा कि अब अगला लक्ष्य विश्व चैंपियन बनने का है और इसके लिए तैयारी और अधिक मजबूत की जाएगी.

देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया
संध्या के पिता निर्मल उर्फ कालू विश्नोई, जो भीलवाड़ा की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी की इस सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष छिपा है. संध्या पिछले चार साल से पुर स्थित शिव व्यायामशाला में अभ्यास कर रही है और वह रोज सुबह-शाम उसे अभ्यास के लिए लेकर जाते रहे हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी ने कभी हिम्मत नहीं हारी. आज उसकी मेहनत ने पूरे परिवार ही नहीं, बल्कि भीलवाड़ा और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.

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Jagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Location :

Bhilwara,Rajasthan

First Published :

August 02, 2026, 19:54 IST



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