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Rani Mukerji In 62nd Maharashtra State Film Awards Ceremony: रानी मुखर्जी के करियर में एक और सम्मान जुड़ गया है. 62वें महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में उन्हें राज कपूर स्पेशल कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड दिया गया. मुंबई में हुए समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें सम्मानित किया. इस खास मौके पर रानी ने महाराष्ट्र और मुंबई से अपने गहरे रिश्ते को याद किया और इस सम्मान को बेहद खास बताया.
62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह में रानी मुखर्जी को सम्मानित किया गया. फोटो साभार- ANI
नई दिल्ली. बॉलीवुड की शानदार एक्ट्रेसेस में शुमार रानी मुखर्जी के लिए 9 सितंबर का दिन बेहद खास रहा. एक्ट्रेस को 62वें महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में प्रतिष्ठित राज कपूर स्पेशल कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मुंबई के प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रानी को यह सम्मान प्रदान किया. इस मौके पर महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार समेत सरकार के कई गणमान्य लोग और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गज मौजूद रहे.
मुंबई में जन्मी और पली-बढ़ीं रानी मुखर्जी के लिए यह क्षण बेहद भावुक और व्यक्तिगत रूप से खास रहा. पुरस्कार लेने के बाद उन्होंने मराठी में अपनी भावनाएं जाहिर की. उन्होंने कहा- ‘मेरे लिए महाराष्ट्र सिर्फ एक राज्य नहीं है. यह मेरी जन्मभूमि है, मेरी कर्मभूमि है और मेरी जिंदगी का एक अटूट हिस्सा है.’
‘ये अवॉर्ड पाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है’
महान फिल्म निर्माता राज कपूर के नाम पर बने सम्मान को प्राप्त करने पर उन्होंने कहा, ‘जब आपको अपने ही लोगों और अपनी मातृभूमि से यह पहचान मिलती है, तो वह पल बेहद खास हो जाता है. राज कपूर जी जैसे भारतीय सिनेमा के स्तंभ के नाम पर बना अवॉर्ड पाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. मुझे उम्मीद है कि मैं इस सम्मान पर खरी उतरूंगी.
पर्दे पर निभाए सशक्त और निडर महिलाओं के रोल्स
रानी मुखर्जी को ‘ब्लैक’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘हिचकी’, ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ जैसी फिल्मों में सशक्त और निडर महिलाओं की भूमिकाएं निभाने के लिए जाना जाता है. सिनेमा पर बात करते हुए उन्होंने कहा- ‘मैंने हमेशा ऐसी कहानियों और किरदारों को चुना जो ईमानदार थे. जिन्होंने मुझे आकर्षित किया. ऐसी महिलाएं जो निडर थीं, जिनमें कमियां थीं, जो कभी पृष्ठभूमि में गायब नहीं हुईं और जिन्होंने कभी किसी और के आने का इंतजार नहीं किया.’
महाराष्ट्र की फिल्म इंडस्ट्री को किया सलाम
रानी ने अपने सम्मान को अकेले की उपलब्धि मानने के बजाय महाराष्ट्र के हजारों कलाकारों, तकनीशियनों, फिल्ममेकर्स और कहानीकारों को भी समर्पित किया. उन्होंने कहा कि यहां हर सुबह हजारों लोग एक कहानी कहने के सपने के साथ उठते हैं और यही कहानियां मुंबई से महाराष्ट्र, फिर पूरे भारत और दुनिया तक पहुंचती हैं. उन्होंने उन पीढ़ियों के कहानीकारों को भी याद किया, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए सपने देखने की राह बनाई.
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