नई दिल्ली. महिला जूनियर एशिया कप के मैदान पर अब महामुकाबले की बिसात बिछ चुकी है. हॉकी फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि नॉकआउट चरण की शुरुआत ही खेल जगत के सबसे बड़े और सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्वियों के बीच भिड़ंत से होने जा रही है. चीन में मेजबान टीम के साथ 0-0 से मुकाबला ड्रॉ खेलकर एलीट पूल में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम अब अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल 1 में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है. 10 सितंबर को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से ठीक पहले भारतीय टीम का अजेय सफर और बुलंद हौसले उसके मनोबल को सातवें आसमान पर ले गए हैं.
पाकिस्तान से इस महाजंग की राह भारत ने एलीट पूल में अपनी बादशाहत कायम करते हुए बनाई. चीन के खिलाफ खेला गया अंतिम पूल मैच बेहद कड़ा और सांस रोक देने वाला था. दोनों टीमों के पास 10-10 अंक थे, लेकिन भारत बेहतर गोल अंतर के दम पर तालिका में सबसे ऊपर रहा. हालांकि, इस शीर्ष पद को पाने और पाकिस्तान से भिड़ंत पक्की करने के लिए भारत को चीन की कड़ी चुनौती से पार पाना पड़ा. चीनी टीम ने अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए मैच की शुरुआत से ही भारतीय रक्षा पंक्ति पर लगातार तीखे हमले किए, लेकिन भारत का इरादा साफ था कि वे बिना हारे नॉकआउट में कदम रखेंगे.
भारत और पाकिस्तान की टीमें गुरुवार को आमने सामने होंगी.
गोलकीपर निधि का जादुई बचाव और मैच का टर्निंग प्वाइंट
मैच का सबसे रोमांचक और निर्णायक क्षण पहले क्वार्टर में आया, जब चीन को एक पेनाल्टी स्ट्रोक मिला. अगर चीन यहां गोल दाग देता, तो मैच का रुख और पूल का समीकरण दोनों बदल सकते थे. लेकिन भारतीय गोलकीपर निधि ने दबाव के पलों में अपनी एकाग्रता और अद्भुत रिफ्लेक्स का परिचय देते हुए इस पेनाल्टी स्ट्रोक को हवा में ही नाकाम कर दिया. निधि का यह जादुई बचाव न केवल भारत की हार को टालने वाला साबित हुआ, बल्कि इसने पूरी टीम में वह ऊर्जा भर दी, जिसकी बदौलत भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम सीटी बजने तक चीन के हर आक्रमण को नाकाम रखा.
60 मिनट का कड़ा मुकाबला और एलीट पूल में भारत का दबदबा
पूरे 60 मिनट के खेल में दोनों टीमों ने बढ़त बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया. भारत को भी दूसरे क्वार्टर में बैक-टू-बैक पेनाल्टी कॉर्नर मिले, जिन्हें चीनी डिफेंस ने किसी तरह बचा लिया. वहीं, तीसरे और चौथे क्वार्टर में भी चीन ने पेनाल्टी कॉर्नरों के जरिए गोल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस की दीवार को भेद पाना उनके बस में नहीं रहा. 0-0 के इस ड्रॉ ने भारत को 10 अंकों और मजबूत गोल अंतर के साथ एलीट पूल का बॉस बना दिया और सीधे पाकिस्तान के सामने खड़ा कर दिया.
भारत बनाम पाकिस्तान, आंकड़ों से परे जूनून की जंग
अब जब भारत पूल टॉपर बनकर नॉकआउट में पहुंचा है, तो उसके सामने पाकिस्तान की चुनौती है, जिसने चैलेंजर पूल में चार मैचों में सात अंक हासिल कर तीसरा स्थान पाया है. कागजों पर और हालिया फॉर्म के मामले में भले ही भारतीय टीम अजेय दिखाई दे रही हो, लेकिन जब बात भारत और पाकिस्तान के मुकाबले की होती है, तो आंकड़े और इतिहास बेमानी हो जाते हैं. मैदान पर खेल की रणनीति से ज्यादा खिलाड़ियों की मानसिक दृढ़ता और दबाव झेलने की क्षमता की परीक्षा होती है.
भारतीय डिफेंस और अटैकिंग हॉकी का कड़ा इम्तिहान
पाकिस्तान के खिलाफ इस क्वार्टर-फाइनल में भारतीय टीम अपनी अटैकिंग हॉकी और मजबूत रक्षात्मक ढांचे के बल पर मैदान में उतरेगी. गोलकीपर निधि के शानदार फॉर्म और फॉरवर्ड लाइन की तेजी के दम पर भारतीय जूनियर महिलाएं पाकिस्तान पर शुरुआती मिनटों में ही दबाव बनाने की कोशिश करेंगी. वहीं पाकिस्तान की टीम के लिए यह मुकाबला खोने के लिए कुछ नहीं और पाने के लिए पूरा आसमान जैसी स्थिति वाला है, जिससे वे बिना किसी डर के भारत पर प्रहार करने की कोशिश करेंगे.
10 सितंबर को महामुकाबला, सेमीफाइनल पर टिकीं नजरें
10 सितंबर का दिन एशिया कप का सबसे रोमांचक दिन साबित होने वाला है. एक तरफ जहां भारत का लक्ष्य अपने अजेय अभियान को जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की करना और खिताब की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाना होगा, वहीं दूसरी ओर चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर अपने प्रशंसकों को जश्न का बड़ा मौका देने की जिम्मेदारी भी होगी. मैदान मोकी का होगा, लेकिन इसकी गूंज पूरे खेल जगत में सुनाई देगी, जहां भारतीय बेटियां एक बार फिर इतिहास रचने के इरादे से अपनी स्टिक संभालेंगी.
