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Muzaffarnagar Latest News: मुजफ्फरनगर के मांडी गांव की जमीन ने करीब 4500 साल पुराने इतिहास की एक दिलचस्प कहानी सामने लाई है. यहां मिले हजारों प्राचीन स्वर्ण सिक्कों पर हुए अध्ययन से उस दौर की तौल प्रणाली, गणित, धातु तकनीक और व्यापारिक व्यवस्था के बारे में अहम संकेत मिले हैं.
3000 स्वर्ण सिक्के मिले.
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के मांडी गांव से मिले करीब 4500 साल पुराने स्वर्ण सिक्कों ने प्राचीन भारत के इतिहास को समझने का एक नया रास्ता खोला है. OCP संस्कृति से जुड़े इन सिक्कों पर हुए अध्ययन में प्राचीन तौल प्रणाली, गणित, धातु तकनीक और व्यापार व्यवस्था से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं. जिसको लेकर आज UP के पूर्व DGP और नेशनल ट्रस्ट फॉर प्रमोशन ऑफ नॉलेज के चेयरमैन विजय कुमार ने राजधानी ने प्रेस कांग्रेस कर जानकारी दी.
मांडी गांव से मिले करीब 4500 से 4000 वर्ष पुराने स्वर्ण सिक्के अपने आप में इतिहास का अनमोल दस्तावेज हैं. इनका वजन महज 0.04 ग्राम से 1.61 ग्राम तक है, जबकि करीब 3000 सिक्के लखनऊ के स्टेट म्यूजियम में संरक्षित हैं. सिक्कों के अध्ययन को न्यूमिजमैटिक्स यानी मुद्राशास्त्र कहा जाता है. शोध के मुताबिक, OCP संस्कृति में 96 रत्ती के तोले के इस्तेमाल के संकेत मिलते हैं, जबकि हड़प्पा संस्कृति में 112 रत्ती के तोले का उल्लेख मिलता है.
इन सिक्कों से उस दौर में गणितीय ज्ञान और सोने-तांबे की ढलाई की तकनीक विकसित होने के संकेत भी मिलते हैं. मांडी से मिले जैस्पर के मनके प्राचीन दूर-दराज के क्षेत्रों से संपर्क और व्यापार की संभावना की ओर इशारा करते हैं. मेडागास्कर और इंडोनेशिया से संभावित व्यापारिक संपर्क का भी दावा किया गया है. यानी मांडी की जमीन से मिले ये छोटे-छोटे स्वर्ण सिक्के, करीब साढ़े चार हजार साल पुरानी भारतीय तौल प्रणाली, तकनीक और व्यापारिक ज्ञान की एक बड़ी कहानी बयां कर रहे हैं.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
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