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एक उर्दू की किताब पर तीन फिल्में बनीं. एक टीवी सीरियल भी. दो फिल्में हिंदी में और एक पाकिस्तानी. पाकिस्तानी फिल्म और एक हिंदी फिल्म ने जबरदस्त सफलता हासिल की. लेकिन साल 2006 में आई फिल्म को लोगों ने नकार दिया. चलिए बताते हैं इन फिल्मों के बारे में.
साल 1899 में एक उर्दू नोवल आया था उमराव जान अदा. जिसे पहला आधुनिक उर्दू उपन्यास माना गया था. इसमें 19वीं शताब्दी के लखनऊ, एक तवायफ की कहानी को बयां किया गया था. यही किताब 1981 की सुपरहिट फिल्म की नींव बनी थी. इस किताब की ताकत को समझते हुए मुज्जफर अली ने एक फिल्म बनाई. जो कहलाई ‘उमराव जान’. इसमें रेखा ने लीड रोल प्ले किया और फिल्म सुपरहिट साबित हुई.
‘उमराव जान’ न सिर्फ हिट हुई बल्कि 29वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में 4 राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते थे. रेखा को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था. वहीं फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में भी इसका डंका बजा था. वैसे तो ‘उमराव जान’ पर अब तक तीन फिल्में और एक सीरियल बन चुका है. (फोटो साभार: पोस्टर)
दरअसल सबसे पहले साल 1972 में नोवल के नाम पर ही पाकिस्तानी फिल्म बनी. फिर रेखा वाली ‘उमराव जान’ और फिर ऐश्वर्या राय वाली ‘उमराव जान’. पाकिस्तान में तो इसपर एक टीवी सीरियल भी बना था. इस तरह कुल 4 बार प्रोजेक्ट बनकर तैयार हुआ. (फोटो साभार: पोस्टर)
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‘उमराव जान’ समें रेखा ने लीड रोल तवायफ का प्ले किया था तो उनके साथ फारूख शेख, नसीरुद्दीन शाह, राज बब्र, शौकत कैफी से लेकर सतीश शाह जैसे कलाकार नजर आए. ‘उमराव जान’ की ताकत बने इसके गाने. इसके साउंडट्रैक ने जबरदस्त सफलता हासिल की. (फोटो साभार: पोस्टर)
पहले बात करते हैं ‘उमराव जान अदा’ की. साल 1972 में रिलीज हुई पाकिस्तानी फिल्म एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म थी जिसे हसन तारीक ने बनाया. फिल्म में तवायफ का लीड रोल एक्ट्रेस रानी बेगम ने प्ले किया. ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई और गोल्डन जुबली मनाई थी. (फोटो साभार: पोस्टर)
‘उमराव जान’ में कुल 10 गाने थे. फिल्म का संगीत खय्याम ने तैयार किया तो गीत शाहरयार ने लिखे. जबकि आवाज दी आशा भोसले ने. दिल चीज क्या है, इन आंखों की मस्ती के, जब भी मिलती है, झूला किन्ने डाला, जुस्तजू जिसकी थी, ये क्या जगह है दोस्तों, जिंदगी जब भी आदि. (फोटो साभार: पोस्टर)
‘उमराव जान’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपार सफलता हासिल की. गाने ब्लॉकबस्टर साबित हुए. रेखा के लोग दीवाने हो गए और उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. ये एक कल्ट भी साबित हुई. मगर जब इसे देखकर नए जमाने की ‘उमराव जान’ बनाई गई तो उसे लोगों ने टॉर्चर कहकर पुकारा. (फोटो साभार: पोस्टर)
‘उमराव जान’ की सफलता देखते हुए जे.पी दत्ता ने भी इसी नाम से 2006 में फिल्म बनाई. इस बार लीड रोल में ऐश्वर्या राय नजर आईं. उनके साथ अभिषेक बच्चन, शबाना आजमी, सुनील शेट्टी, दिव्या दत्ता, हिमानी शिवपुरी, कुलभूषण खरबंदा नजर आए. (फोटो साभार: पोस्टर)
‘उमराव जान’ 2006 में भी मेकर्स ने दस गाने डाले. इस बार अनु मलिक ने म्यूजिक दिया और जावेद अख्तर ने लिरिक्स लिखे. सिंगर्स की टोली में अलका याज्ञनिक, अनमोल मलिक, रिचा शर्मा और सोनू निगम शामिल हुए. सलाम और अगले जन्म मोहे बिटिया जैसे गाने पॉपुलर हुए. (फोटो साभार: पोस्टर)
जेपी दत्ता वाली उमराव जान क्रिटिकल और कमिर्शियल दोनों रूप से फ्लॉप हुई. बजट की आधी कमाई भी बॉक्स ऑफिस पर निकाल नहीं पाई. इसके फ्लॉप होने का कारण इसे काफी धीमी, नीरस और जरूरत से ज्यादा लंबी फिल्म माना गया. यही वजह है कि ये फिल्म 1981 की रेखा स्टारर क्लासिक ‘उमराव जान’ के जादू को दोहरा नहीं पाई. लोगों ने इसे टॉक्सिक कहा था. (फोटो साभार: पोस्टर)

