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ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर पर दुखों का पहाड़ टूट गया है. मनु भाकर की दादी दया कौर की रोहतक में निधन हो गया. उन्हें सीने में दर्द की शिकायत पर एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया था. मनु की दादी 84 साल की थीं. उनकी दादी का जब निधन हुआ तो मनु अपनी मां के साथ भोपाल में एशियन गेम्स के लिए ट्रेनिंग कर रही थीं.
दादी के साथ मनु भाकर
नई दिल्ली: ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर पर दुखों का पहाड़ टूट गया है. मनु भाकर के दिल के सबसे करीब उनकी दादी दया कौर का रोहतक में निधन हो गया. मनु की दादी की उम्र 84 साल थी और रोहतक के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. सीने में दर्द की शिकायत के बाद दया कौर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रही थीं. मनु अपनी दादी के बहुत करीब थीं.
बता दें कि हाल ही में मनु ने अपने कोच जसपाल राणा को भी खोया. इस दुख से अभी वह उबरी भी नहीं थीं कि अब उनकी दादी चल बसीं. मनु एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए भोपाल में ट्रेनिंग ले रही थीं, जैसे ही उन्हें अपनी दादी के निधन की खबर मिली, वह तुरंत अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गईं. बुधवार को मनु के पैतृक गांव में उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
दादी के अंतिम समय में मनु का परिवार नहीं था साथ
दादी के अंतिम समय में मनु का परिवार उनके साथ नहीं था. मनु की मां उनके साथ भोपाल में थीं, जबकि उनके पिता राम किशन अहमदाबाद में थे. परिवार के अन्य सदस्य भी बाहर थे, हालांकि उनकी चाची अस्पताल में मौजूद थीं. बता दें कि दया कौर ने पेरिस ओलंपिक में मनु के ऐतिहासिक प्रदर्शन सहित उनके पूरे करियर को बहुत करीब से देखा था, जिसमें उनका एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतना भी शामिल है.
एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली मनु भारत की पहली महिला एथलीट हैं. मनु की दादी ने अपने गांव से ही अपनी पोती के मुकाबले देखे थे और अपार गर्व के साथ उनकी सफलता का जश्न मनाया था. एशियन गेम्स से पहले यह मनु के लिए बहुत बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है. परिवार के सदस्यों को दोनों के बीच की वह खास बॉन्डिंग याद है, जिसमें दया कौर अक्सर अपनी पोती को लाड़-प्यार करती थीं और उसे घर का बना चूरमा खिलाती थीं. भोपाल से लौटने के बाद मनु की शूटिंग से जुड़ी प्रतिबद्धताएं फिलहाल रोक दी गई हैं. भारतीय निशानेबाजी दल को 15 सितंबर को रवाना होना है.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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