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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होने पर पुलिस की तरफ से छात्र को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही छात्र से 5 लाख रुपये भी जमा करने को कहा गया है. ग्रेटर नोएडा पुलिस की ओर से 4 सितंबर को इकोटेक-1 थाने के SI के माध्यम से छात्र को नोटिस भेजा गया.
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पर छात्र को जारी किया नोटिस.
ग्रेटर नोएडाः जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने गए गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही छात्र को जुर्माने के तौर पर 5 लाख रुपये जमा करने का भी आदेश दिया गया है. जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन में शामिल होने वाले गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के एक छात्र को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने नोटिस जारी किया है. छात्र पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और अन्य छात्रों को सरकार के खिलाफ लामबंद करने का आरोप भी लगा है. नोएडा पुलिस की ओर से 4 सितंबर को इकोटेक-1 थाने के SI के माध्यम से छात्र को नोटिस भेजा गया.
छात्र से 5 लाख रुपये जमा करने को कहा गया
नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 130 के तहत जारी किया गया. छात्र के खिलाफ शांति भंग से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई. ACP कोर्ट ने छात्र से 5 लाख रुपये की राशि जमा करने का आदेश दिया. मामले में छात्र को नोटिस का जवाब देने और प्रक्रिया के तहत पक्ष रखने को कहा गया. छात्र का नाम अक्षत त्रिपाठी है, जो SFI उत्तर प्रदेश राज्य समिति का सदस्य भी है. अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 130 के तहत एक नोटिस मिला.
अक्षत को मिले नोटिस में किया
नोटिस के अनुसार त्रिपाठी पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को सरकार के खिलाफ भड़काने और एकजुट करने का आरोप है. यह नोटिस इकोटेक-1 पुलिस स्टेशन के एक सब-इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर 4 सितंबर को जारी किया गया था. हालांकि अक्षत त्रिपाठी ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय वे यूनिवर्सिटी की क्लास में शामिल नहीं हो रहे थे. क्योंकि संस्थान लगभग तीन महीनों से बंद था. त्रिपाठी ने आगे कहा कि 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च के दौरान वे घायल हो गए थे और आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के कारण उन्हें चोटें आईं.
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
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