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सात्विक-चिराग ने जीता चीन मास्टर्स खिताब, एक घंटे 10 मिनट के फाइनल में चीन की जोड़ी को हराया, Sports Hindi News

Admin by Admin
September 6, 2026
in खेल
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सात्विक-चिराग ने जीता चीन मास्टर्स खिताब, एक घंटे 10 मिनट के फाइनल में चीन की जोड़ी को हराया, Sports Hindi News


भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी फाइनल में हे जी टिंग और रेन जियांग यू की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर चाइना मास्टर्स का खिताब जीता।

भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को रोमांचक फाइनल में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को हराकर चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।

दो सप्ताह पहले घरेलू वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिली निराशा के बाद, सात्विक-चिराग के लिए यह एक शानदार वापसी है और उन्होंने इस मौके को पूरी तरह भुनाया, जीत के प्रति उनके दृढ़ संकल्प ने उन्हें सबसे अलग साबित किया। 17-17 के स्कोर पर खेल की तेज गति के कारण दोनों जोड़ियों से गलतियां हुईं। हे के नेट पर स्मैश मारने से सात्विक-चिराग को बढ़त मिली, चिराग की शानदार रैली के बाद वे जीत से सिर्फ 2 पॉइंट दूर थे। नेट कॉर्ड की मदद से उन्हें 3 मैच पॉइंट मिले और उन्होंने पहले ही मौके पर जीत हासिल कर ली।

भारतीय जोड़ी शुरुआत में पिछड़ी

सात्विक और चिराग़ शुरुआत में ही 0-5 से पिछड़ गए और पहले गेम में कभी भी अपनी लय नहीं पकड़ पाए। ‘हे’ और ‘रेन’ ने बार-बार बीच से अटैक किया, जिससे भारतीयों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं और उन्हें मुश्किल स्थितियों में खेलना पड़ा। चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीत लिया। अब सात्विक और चिराग़ के सामने एक बड़ी चुनौती थी-उस टाइटल को जीतने की, जो चीन के पिछले दौरों में उनसे दूर ही रहा था।

लेकिन हाल ही में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में मैच का रुख ही बदल दिया। इस रणनीतिक बदलाव में चिराग की अहम भूमिका थी। नेट पर ‘हे’ और ‘रेन’ को खेल की गति तय करने देने के बजाय, उन्होंने शटल को जल्दी इंटरसेप्ट करना शुरू कर दिया। इससे चीनी जोड़ी पर दबाव बना और उन्हें कोर्ट के ज़्यादा हिस्से को कवर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मैच रोमांचक निर्णायक गेम की ओर बढ़ा

इस बदलाव से सात्विक और चिराग़ को अपने विरोधियों को एक तरफ से दूसरी तरफ दौड़ाने और कोर्ट का पूरा इस्तेमाल करने का मौका मिला। उनका डिफेंस भी बेहतर हुआ, जिससे उन्हें सिर्फ़ एक जोरदार हिट पर निर्भर रहने के बजाय स्मैश के कॉम्बिनेशन के साथ अटैक करने के मौके मिले। यह एक बहुत जरूरी बदलाव था। पहले गेम में जिन बड़े स्मैश से चीनी जोड़ी को लगातार परेशान नहीं किया जा सका था, अब उनके साथ मूवमेंट, दबाव और वेरिएशन का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। मैच अब एक रोमांचक निर्णायक गेम की ओर बढ़ रहा था।

तीसरा गेम जबरदस्त टक्कर वाला था, जिसमें कोई भी जोड़ी हार मानने को तैयार नहीं थी। ‘हे’ और ‘रेन’ 11-10 से मामूली बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन डिफेंस में कुछ गलतियां करने के बावजूद सात्विक और चिराग मुकाबले में बने हुए थे। कोर्ट के पिछले हिस्से से सात्विक की रणनीति का भी असर दिखने लगा। उन्होंने बार-बार चीनी जोड़ी के बैकहैंड की तरफ शटल को लिफ्ट किया, जिससे उन्हें धीमे रिटर्न खेलने पड़े और हर अटैकिंग मौके के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।

भारतीय खिलाड़ियों ने उठाया फायदा

भारतीय खिलाड़ी इस रणनीति का पूरा फायदा नहीं उठा पाए, क्योंकि उनके खेल में गलतियां होती रहीं। लेकिन उनके आक्रामक खेल ने उन्हें बराबरी पर बनाए रखा, भले ही उनका डिफेंस उन्हें मुश्किल में डाल रहा था। फिर निर्णायक पल आया। तीसरे गेम में ज़्यादातर समय पिछड़ने के बाद, सात्विक और चिराग़ आखिरकार 18-17 से आगे हो गए। अचानक, ‘हे’ और ‘रेन’ के खेल में गलतियां होने लगीं, क्योंकि घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का दबाव चीनी जोड़ी पर साफ दिख रहा था। वहीं दूसरी ओर, सात्विक पूरे आत्मविश्वास से भरे हुए थे। जब मैच निर्णायक मोड़ पर था, तो उन्होंने एक शानदार ‘फ्लिक सर्व’ किया, जिससे ‘हे’ और ‘रेन’ चौंक गए। चीनी जोड़ी का संतुलन बिगड़ गया और भारतीय खिलाड़ियों ने इसका फायदा उठाकर पॉइंट हासिल कर लिया। इससे सात्विक और चिराग को मैच पॉइंट मिल गया। उन्होंने संयम बनाए रखा और शानदार वापसी करते हुए पहली बार ‘चाइना मास्टर्स’ का खिताब अपने नाम किया।

सेमीफाइनल में मलेशिया की जोड़ी को हराया

सेमीफाइनल में बैडमिंटन रैंकिंग में पांचवें पायदान पर मौजूद भारत की सात्विक और चिराग की जोड़ी ने मलेशिया के नूर मोहम्मद अजीरन अयूब और टैन वी किओंग की जोड़ी को एक घंटे छह मिनट तक चले मुकाबले में 21-16, 18-21, 21-11 से हराकर चाइना मास्टर्स के फाइनल में प्रवेश किया था। इस जीत के साथ सात्विक और चिराग पिछले चार संस्करणों में तीसरी बार चाइना मास्टर्स के फ़ाइनल में पहुंचे हैं। वे 2023 और 2025 में रनर-अप रहे थे और 2024 में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।



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