श्रीराम मंदिर के नए सीईओ जीतेंद्र मिश्र 8 सितंबर को विधिवत कार्यभार संभालेंगे। शुक्रवार को ट्रस्टियों के साथ हुई बैठक में उनकी मौजूदगी के दौरान सीईओ की कार्यप्रणाली, अधिकार और जिम्मेदारियों से जुड़ी एसओपी को अंतिम रूप दिया गया।
Ram Mandir CEO: श्रीराम मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र 8 सितंबर को विधिवत कार्यभार संभालेंगे। शुक्रवार को वैदेही भवन में ट्रस्टियों के साथ हुई बैठक में उनकी मौजूदगी के दौरान सीईओ की कार्यप्रणाली, अधिकार और जिम्मेदारियों से जुड़ी एसओपी को अंतिम रूप दिया गया। इसमें नियम-शर्तों के साथ वेतन-भत्ते और जरूरी सुविधाओं का प्रावधान भी शामिल है। एसओपी की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा नहीं की गई।
ट्रस्ट के नवनियुक्त महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि सीईओ को सभी ट्रस्टियों से परिचय और मंदिर की व्यवस्थाओं को समझने के लिए आमंत्रित किया गया था। 2 दिसंबर की प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक में संयुक्त कार्यकारी अधिकारी के नाम पर विचार संभव है। वहीं सीईओ जितेन्द्र मिश्र ने कहा कि ट्रस्ट के मार्गदर्शन में पूरी प्लानिंग तैयार कर टीम के साथ जमीनी व्यवस्थाओं को लागू करेंगे। जीतेंद्र मिश्र ने कहा कि रामलला की कृपा से यहां सेवा का अवसर मिला है, अब रामभक्तों की भी कृपा मिलनी जरूरी है।
दो कानूनविदों को सौंपा कार्रवाई का जिम्मा
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्रदेश सरकार की ओर से गठित SIT की अंतिम रिपोर्ट 15 दिन पहले ही मिल गई थी, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी एसआईटी के क्रियाशील होने से खोला नहीं गया। दो सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में अद्यतन स्थिति पर चर्चा के दौरान यह जानकारी सामने आई। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने रिपोर्ट का बंद लिफाफा नहीं खोला, ताकि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की स्थिति न बने। राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र के साथ विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल बांगड़ा ने शेयर की।
पूजा की परंपरा बदली शृंगार आरती से पहले स्तुति गान
श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना की परंपरा में बदलाव की शुरुआत हो गई है। अब सुबह छह बजे होने वाली श्रृंगार आरती से पहले रामानंदीय परंपरा के आचार्यों द्वारा रचित पदों का गायन किया जा रहा है। साथ ही श्रृंगार आरती के दौरान गर्भगृह के बाहर भी अतिरिक्त पुजारियों को आरती की जिम्मेदारी दी गई है। यह व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से लागू की गई है नई व्यवस्थाओं का हिस्सा है।
परंपराओं के अनुरूप काम का भरोसा :गिरी
महासचिव गोविंद देव गिरी ने बताया कि जितेन्द्र मिश्र से ट्रस्टियों का परिचय हुआ। मंदिर की व्यवस्थाओं को समझने पर भी चर्चा हुई। सीईओ बहुत सुलझे और धार्मिक प्रवृत्ति के हैं। वह प्रतिदिन श्रीमद्भागवत गीता का पारायण करते हैं, इसलिए विश्वास है कि वह मंदिर की परंपराओं को मानेंगे और उसी के अनुरूप व्यवहार करेंगे।

