आरोप है कि जफर अमीन डक्कू अपने समर्थकों और शहर समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहां जमीन पर लगे टिनशेड और पाइप हटाने को लेकर महिलाओं से विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में नोकझोंक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के समाजवादी पार्टी शहर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी और उनके कुछ अन्य साथियों की तलाश में पुलिस जुटी है। वहीं राजघाट के खोखरटोला में जमीन पर कब्जे के विवाद में गिरफ्तार सपा नेता जफर अमीन डक्कू पर दर्ज मुकदमे में हत्या के प्रयास और छेड़खानी की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस अब शनिवार को दोनों नई धाराओं में रिमांड लेने की तैयारी में है। घटना के बाद डक्कू को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भे्ज दिया गया था। अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हैं।
राजघाट थाना क्षेत्र के खोखरटोला में मंगलवार को डीह की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि जफर अमीन डक्कू अपने समर्थकों और शहर सपा अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहां जमीन पर लगे टिनशेड और पाइप हटाने को लेकर महिलाओं से विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में कहासुनी और नोकझोंक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में खोखरटोला निवासी महिला की तहरीर पर पुलिस ने डक्कू, शब्बीर कुरैशी समेत दस अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सपा नेता जफर अमीन डक्कू को पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया था। महिला के बयान के आधार पर मुकदमे में पुलिस ने हत्या के प्रयास और छेड़खानी की धाराएं बढ़ा दी हैं। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शनिवार को इन धाराओं में न्यायालय में रिमांड के लिए अर्जी डाली जाएगी।
क्या है आरोप
शहाना खातून ने पुलिस को बताया कि वह खोखरटोला स्थित एक मकान पर करीब 70 वर्षों से काबिज हैं। उनका दावा है कि मकान डीह की आराजी संख्या 91 की जमीन पर बना है। तहरीर के मुताबिक, उक्त जमीन पूर्व जमींदार वल्लभदास की थी, जिन्होंने उनके पूर्वजों को रहने के लिए मकान बनाने के लिए दी थी। महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में जफर अमीन डक्कू ने मकान के आधे हिस्से पर कब्जा कर लिया था। मंगलवार को डक्कू, शब्बीर कुरैशी और उनके समर्थक दोबारा मौके पर पहुंचे और बचे हिस्से पर भी कब्जा करने का प्रयास करने लगे।
विरोध करते हुए जमीन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। विवाद के बाद पुलिस ने मंगलवार देर रात डक्कू और शब्बीर कुरैशी के घर दबिश दी। पुलिस ने डक्कू को घर से हिरासत में लिया। बुधवार को सपा नेताओं ने राजघाट थाने पहुंचकर डक्कू को छुड़ाने का प्रयास किया। पुलिस उन्हें अलग-अलग थानों पर ले गई। बाद में शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए जफर अमीन डक्कू को जेल भेज दिया गया।
सपा बोली, सरकार के इशारे पर काम कर रही है पुलिस
सपा नेता जफर अमीन डक्कू की गिरफ्तारी पर प्रदेश इकाई ने नाराजगी जताई है। इसके बाद पार्टी की जिला इकाई ने शुक्रवार को बैठक कर आरोप लगाया कि जमीन को पार्टी के नेता ने रजिस्ट्री करा रखी है। इस घटना से चार दिन पूर्व पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से डक्कू ने मुलाकात की। उन्होंने जमीन के कागजात भी दिखाए थे। अधिकारियों से बताया था कि जमीन पर अवैध कब्जा है। हंगामा कर सकते हैं। पुलिस मुहैया कराई जाए। इसको लेकर पुलिस और प्रशासन को आवेदन भी डक्कू ने दिया था। सपाइयों ने कहा कि मंगलवार को प्रशासन ने पुलिस मुहैया नहीं कराया, उल्टे हंगामा करने वालों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर एकतरफा कार्रवाई कर दी।
बेतियाहाता कार्यालय पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर पार्टी के नेताओं के साथ अन्याय हो रहा है। कार्यकर्ता संगठित होकर हर स्तर की लड़ाई के लिए तैयार रहें। इस दौरान जिला महासचिव रामनाथ यादव, डा मोहसिन खान, अवधेश यादव, प्रहलाद यादव, यशपाल रावत, रुपावती बेलदार, डा संजय कुमार, अमरेन्द्र निषाद, विद्या सागर उर्फ छोटू, बृजनाथ मौर्य, मनुरोजन यादव आदि नेता रहे।

