• Contact US
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

आगरा का मनकामेश्वर मंदिर, जहां कैलाश से चलकर बाल कृष्ण को गोद में लेने पहुंचे थे भगवान शिव

Admin by Admin
September 5, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
आगरा का मनकामेश्वर मंदिर, जहां कैलाश से चलकर बाल कृष्ण को गोद में लेने पहुंचे थे भगवान शिव


Last Updated:September 05, 2026, 05:55 IST

आगरा का श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर शहर के प्रमुख प्राचीन शिव मंदिरों में शामिल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण के जन्म के बाद भगवान शिव बाल कृष्ण के दर्शन और उन्हें गोद में लेने की इच्छा लेकर कैलाश से ब्रज की ओर निकले थे. कथा के मुताबिक आगरा में रात्रि विश्राम के दौरान महादेव ने संकल्प लिया था कि मनोकामना पूरी होने पर वह यहीं शिवलिंग स्वरूप में विराजमान होंगे. इसी मान्यता से मंदिर का नाम मनकामेश्वर पड़ा.

आगरा के रावतपाड़ा में स्थित श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर शहर के प्रमुख प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है. मंदिर दरेसी रोड पर आगरा किला और पुराने शहर के आसपास स्थित है. यहां भगवान शिव शिवलिंग स्वरूप में विराजमान हैं. मंदिर की वर्तमान पहचान और प्राचीनता से जुड़े कई विवरण लोकपरंपराओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. मंदिर के पुजारी भी इसे प्राचीन आस्था, श्रद्धा और शांति का पवित्र धाम बताते हैं.

मंदिर की सबसे प्रसिद्ध मान्यता द्वापर युग और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी है. प्राचीन कथाओं के अनुसार मथुरा में श्रीकृष्ण के जन्म के बाद भगवान शिव के मन में उनके बाल स्वरूप के दर्शन करने की इच्छा जागी. इसी कामना को लेकर महादेव कैलाश पर्वत से ब्रज की ओर चल पड़े. रास्ते में उन्होंने वर्तमान आगरा स्थित इसी स्थान पर रात्रि विश्राम किया और साधना की थी.

इतिहासकार कहते है कि धार्मिक कथा के मुताबिक उस समय यह स्थान यमुना नदी के किनारे माना जाता था. कहा जाता है कि यहां भगवान शिव ने ध्यान करते हुए संकल्प लिया कि यदि उन्हें बाल कृष्ण को अपनी गोद में लेने और उनके दर्शन करने का सौभाग्य मिला, तो वह इसी स्थान पर शिवलिंग के रूप में विराजमान होंगे. इसी संकल्प को मंदिर की पौराणिक कथा में मनकामेश्वर महादेव के प्राकट्य से जोड़ा जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

आगरा रात्रि विश्राम के बाद भगवान शिव गोकुल पहुंचे. प्राचीन कथा के अनुसार उनका जटाधारी और भस्म-भभूत वाला स्वरूप देखकर माता यशोदा पहले संकोच में पड़ गईं और बाल कृष्ण को उनके पास ले जाने से मना कर दिया. मान्यता है कि तभी बाल कृष्ण ने लीला करते हुए शिव की ओर संकेत किया और रोने लगे. अंततः यशोदा मैया ने बाल कृष्ण को शिव की गोद में दिया और महादेव की दर्शन की मनोकामना पूरी हुई.

इतिहासकार ने कहा कि मान्यता के अनुसार, बाल कृष्ण के दर्शन और उन्हें गोद में लेने की इच्छा पूरी होने के बाद भगवान शिव वापस आगरा आए. यहां उन्होंने अपने संकल्प के अनुसार शिवलिंग स्वरूप धारण किया. इसी वजह से इस स्थान को मनकामेश्वर कहा जाने लगा. मंदिर के महंत कहते है कि वह स्वरूप जहां भगवान शिव की मनोकामना पूर्ण हुई. भक्तों में भी विश्वास है कि सच्चे मन से यहां मांगी गई मनोकामना भगवान शिव पूरी करते हैं.

इतिहासकार ने कहा कि मनकामेश्वर मंदिर की प्राचीनता को लेकर अलग-अलग स्रोत अलग विवरण देते हैं. उन्होंने कहा कि इसे आगरा के पुराने और महत्वपूर्ण शिव मंदिरों में माना जाता है. जहाँ हजारों भक्त अपनी मनोकामनायें लेकर यहाँ आते है. उन्होंने कहा कि द्वापर युग में मंदिर की स्थापना को प्रमाणित इतिहास में नहीं मिलता है, यह सिर्फ प्राचीन धार्मिक कहानी में ही है. वर्तन में यह हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है.

मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं. मुख्य शिवलिंग चांदी की परत से आच्छादित किया गया है. इतिहासकार ने कहा कि मंदिर परिसर में शिव परिवार के साथ अन्य देवी-देवताओं के विग्रह भी मौजूद हैं. सावन, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है. इस कारण मनकामेश्वर मंदिर आज भी आगरा की धार्मिक पहचान में महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

इतिहासकार अनुराग पालीवाल ने कहा कि इस तरह मनकामेश्वर मंदिर की कहानी केवल भगवान शिव की आराधना तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय धार्मिक परंपरा में यह श्रीकृष्ण और महादेव के प्रेम तथा भक्ति का भी प्रतीक है. एक ओर शिव को बाल कृष्ण के दर्शन की इच्छा थी, तो दूसरी ओर कथा में कृष्ण ने अपनी लीला से उनकी इच्छा पूरी कराई. यही वजह है कि आगरा का यह प्राचीन मंदिर शिवभक्तों के साथ कृष्णभक्तों के लिए भी विशेष आस्था रखता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
First Published :

September 05, 2026, 05:55 IST



Source link

Views: 70
Download Sonebhadra Live App
Previous Post

हॉकी विश्व कप में भारतीय महिला टीम का कमाल, साउथ अफ्रीका को 6-1 से रौंदा, दर्ज की पहली जीत, Hockey Hindi News

Next Post

‘भाजपा’ ने शादी से पहले कर लिया सुसाइड, MP के सिंगरौली में खुशियों वाले घर में पसरा मौत का मातम, Madhya-pradesh Hindi News

Next Post
‘भाजपा’ ने शादी से पहले कर लिया सुसाइड, MP के सिंगरौली में खुशियों वाले घर में पसरा मौत का मातम, Madhya-pradesh Hindi News

'भाजपा' ने शादी से पहले कर लिया सुसाइड, MP के सिंगरौली में खुशियों वाले घर में पसरा मौत का मातम, Madhya-pradesh Hindi News

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement