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खेल जगत में तीन दशक तक एक्टिव रहने वाले ‘टुटु बोस’ के नाम से मशहूर स्वपन साधन बोस का निधन हो गया है. मंगलवार देर रात शहर के एक निजी अस्पताल में मोहनबागान के पूर्व अध्यक्ष का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया. टुटु लंबे समय से बीमारी चल रहे थे.

‘टुटु बोस’ का 78 साल की उम्र में निधन
नई दिल्ली. खेल जगत में ‘टुटु बोस’ के नाम से मशहूर स्वपन साधन के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है. मैदान की हरी घास पर वह एक रंगीन और प्रभावशाली शख्सियत थे. मंगलवार देर रात शहर के एक निजी अस्पताल में मोहनबागान के पूर्व अध्यक्ष स्वपन साधन बोस का निधन हो गया. उनको ‘टुटु बोस’ के नाम से खेल प्रेमी बुलाया करते थे. निधन के समय उनकी उम्र 78 साल थी. लंबे समय से शारीरिक बीमारी से जूझने के बाद आखिरकार मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने से उनका सफर थम गया.
खेल जगत में शोक की लहर:
सोमवार शाम उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें वेंटिलेशन सपोर्ट पर भी रखा गया. मंगलवार रात दूसरी बार दिल का दौरा पड़ने के बाद डॉक्टरों की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं. यह वरिष्ठ प्रशासक हमेशा के लिए अलविदा कह गए. उनकी बीमारी की खबर मिलते ही केंद्रीय खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक और एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे अस्पताल पहुंचे.
तीन दशक से ज्यादा एक्टिव रहे
1991 से करीब तीन दशक तक टुटु बोस मोहनबागान क्लब प्रशासन से गहराई से जुड़े रहे. क्लब के सबसे बुरे वक्त में उन्होंने जिस तरह से कमान संभाली, वह हमेशा याद रखा जाएगा. मैदान में ‘अजातशत्रु’ के नाम से पहचाने जाने वाले टुटु बाबू सिर्फ मोहनबागान के ही नहीं, बल्कि पूरे मैदान के एक विश्वसनीय अभिभावक बन गए थे. ईस्ट-मोहन की प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठकर वह विरोधी खेमे के लिए भी बेहद सम्मानित थे.
एक युग का अंत:
टुटु बोस के नेतृत्व में ही मोहनबागान ने आधुनिक फुटबॉल की पेशेवर संस्कृति का स्वाद चखा. उनके निधन से भारतीय फुटबॉल प्रशासन ने एक अनुभवी और दूरदर्शी व्यक्तित्व को खो दिया. खबर है कि बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर क्लब परिसर में लाया जाएगा, जहां समर्थक और पूर्व फुटबॉलर अपने प्रिय ‘टुटु दा’ को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे.
मैदान पर वह निडर योद्धा थे, और मैदान के बाहर एक उदार दिल के इंसान. टुटु बोस का जाना मानो मैदान के एक अभिभावकविहीन युग की शुरुआत है.
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विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें
