संवाददाता@मोहम्मद इब्राहिम…..

दुद्धी कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर से एक बेहद डराने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ अस्पताल परिसर के मुख्य मार्ग पर स्थित चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर पीले रंग के सरकारी भवन का छज्जा (बर्जा) अचानक बीती रात्रि भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हादसे के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में कोई राहगीर या मरीज नहीं आया, जिससे एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया।
रास्ते पर बिखरा मलबा, टूटकर गिरा कंक्रीट प्राप्त तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि भवन के आगे (Front) का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से टूटकर नीचे कार्यालय के गेट एवं मुख्य रास्ते पर गिर चुका है। ईंट, सीमेंट और कंक्रीट के भारी टुकड़े सड़क पर बिखरे पड़े हैं। भवन की जर्जर स्थिति को देखकर यह स्पष्ट है कि यह ढांचा काफी पुराना हो चुका है और इसकी छतों से कंक्रीट के हिस्से लगातार अलग हो रहे हैं। घटना के समय यदि कोई व्यक्ति मरीज वहाँ से गुजर रहा होता या वहाँ खड़ा होता, तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील और व्यस्त सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की घटना होना प्रशासनिक मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल परिसर के इस जर्जर हिस्से की समय रहते मरम्मत कराई जानी चाहिए थी। तस्वीर में भवन का मुख्य दरवाजा भी बंद नजर आ रहा है, लेकिन इसके ठीक बगल से आम रास्ता गुजरता है जहाँ लोग आते-जाते रहते हैं।
स्थानीय प्रबुद्ध जनों अमरनाथ रामेश्वर राय लवलेश सिंह मनोज कुमार गोल्डन कुमार रमेश कुमार सुरेश कुमार आदि ने मांग की है कि उच्चाधिकारी इस घटना का तत्काल संज्ञान लें और परिसर के अन्य जर्जर हिस्सों की भी जांच कराकर उन्हें ठीक कराएं ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

इस सम्बन्ध मे चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर शाह आलम ने कहा कि चिकित्सक आवास सहित अस्पताल में दवा इलाज करने हेतु और अन्य भवन सभी जर्जर हो चुकी है,यह भवन कई दशक से बने हुए हैं जो अब रहने योग नहीं है इसको लेकर कई बार पत्राचार मैंने अपने उच्च अधिकारियों को किया है,परंतु पुराने भवन की समस्या पर कोई समाधान अब तक नहीं हो सका।
गनीमत रहा कि बीते देर रात्रि मेरे कार्यालय के बाहर छत का छज्जा टूट कर गिर गया और कोई हताहत नहीं हुई,यही घटना सुबह हुई होती तो परेशानी बढ़ गई होती, सीएससी अस्पताल में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भवन और मरीजो के लिए भी नए भवन बनना अत्यंत आवश्यक है।