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Asian Boxing U15 Championships 2026: उज्बेकिस्तान में आयोजित एशियाई जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत के अंडर-15 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है. सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद कुल 6 भारतीय फाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं, जिनमें राजौरी के युवा सनसनी मोहम्मद यासिर भी शामिल हैं. वहीं, सात भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल तक का सफर तय कर देश के लिए कांस्य पदक पक्के किए.

मोहम्मद यासिर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह.
नई दिल्ली. उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित एशियाई अंडर-15 मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 में भारतीय लड़कों ने अपना दबदबा कायम किया है. सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद भारत की झोली में सात कांस्य पदक आ चुके हैं, जबकि छह जांबाज मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की उम्मीदों को जिंदा रखा है. फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों में राजौरी के लाल और भारतीय बॉक्सिंग के युवा सनसनी मोहम्मद यासिर भी शामिल हैं. इस उभरते हुए स्टार ने टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर पूरे पीर पंजाल क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है.
सोना जीतने पर यासिर की नजरें
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यासिर के इस प्रदर्शन ने उनकी कड़ी मेहनत, लगन और लड़ने के जज्बे को साबित किया है. यासिर की इस जीत से पूरे पीर पंजाल क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है. लोग जगह-जगह जश्न मना रहे हैं. क्षेत्र के लोग अपने इस नन्हे चैंपियन को फाइनल मुकाबले के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं और दुआएं दे रहे हैं. अब यासिर की नजरें स्वर्ण पदक जीतकर भारत और अपने क्षेत्र का नाम रोशन पर होंगी. यासिर (58kg) ने ईरान के ही सैय्यद आरिया मोहम्मद मूसा को 5:0 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया.
भारत के छह मुक्केबाज, जिन्होंने सेमीफाइनल में एकतरफा जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट कटाया, उनमें यासिर के अलावा यश कुमार, वसंत अशोक कुमार, समीर बोहरा, सुदर्शन वासुदेव चांडक, रोनक पराग लोखंडे शामिल हैं. यश कुमार (33kg) ने शानदार शुरुआत करते हुए यूएई के कियान इकबाल को 5:0 से करारी शिकस्त दी. पूरे मैच में यश अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी रहे. वसंत अशोक कुमार (37kg) ने किर्गिस्तान के अज़ीरेतली संझारबेकोव के खिलाफ दूसरे राउंड में ही अपनी ताकत का परिचय देते हुए जीत पक्की की.
समीर बोहरा (43kg) ने मेजबान देश उज्बेकिस्तान के अदीज़बेक इल्खोमबेकोव के खिलाफ धैर्य से काम लिया और 4:1 के अंतर से कड़ा मुकाबला जीता. सुदर्शन वासुदेव चांडक (52kg) ने ईरान के आमिरमहदी शाद के खिलाफ पहले ही राउंड में अपनी तकनीकी श्रेष्ठता दिखाते हुए जीत दर्ज की. रोनक पराग लोखंडे (67kg) ने किर्गिस्तान के मुखमदअली बरदीकुलोव को पहले ही राउंड में हराकर भारत की जीत का सिलसिला जारी रखा.
कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी
सेमीफाइनल में कड़े संघर्ष के बाद हारने वाले सात खिलाड़ियों ने देश के लिए कांस्य पदक जीते. इनमें से कई मुकाबले बहुत करीबी रहे. रोहित पोथिना (35kg)को कजाकिस्तान के झाकसिलिक येर्मेकुली से 0:5 से हार का सामना करना पड़ा. नितिन (40kg) का मुकाबला बहुत रोमांचक रहा, लेकिन वे उज्बेकिस्तान के जसुरबेक खैरुलयेव से 2:3 के मामूली अंतर से हार गए. नोंगपोकंगनबा मैतेई ओइना (46kg) ने भी शानदार संघर्ष किया लेकिन उज्बेकिस्तान के मंसूर अब्दुखामितोव से 2:3 से पिछड़ गए.
प्रशांत (49kg) को उज्बेकिस्तान के सरदार ओमोनबोएव ने 0:5 से हराया. हर्षवर्धन जीना (55kg) को कजाकिस्तान के नूरिस्लाम बक्तुबायेव के हाथों 0:5 से शिकस्त मिली. देव (64kg) ने दक्षिण कोरिया के ह्योंसोक यू को कड़ी टक्कर दी, लेकिन मुकाबला 1:4 से हार गए. सुशांत जयानी (70+kg) हैवीवेट कैटेगरी में सुशांत पहले राउंड में ही उज्बेकिस्तान के इब्राहिम मिर्जाकरिमोव से हार गए.
आगे की चुनौती
अब भारतीय मुक्केबाजी प्रेमियों की नजरें फाइनल मैचों पर टिकी हैं. ताशकंद में भारतीय युवा मुक्केबाजों ने जिस तरह का जज्बा दिखाया है, उससे यह साफ है कि भारत एशिया में मुक्केबाजी की एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है. छह फाइनलिस्टों के पास अब अपने कांस्य पदक को स्वर्ण में बदलने का सुनहरा मौका है. भारतीय टीम के कोच और प्रबंधन ने खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की है. यह चैंपियनशिप भविष्य के ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप सितारों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें
