@जे0 के0…….

Sonbhadra । नगर पंचायत अनपरा में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ताजा मामला वार्ड नंबर-16 (लाल टावर) में निर्मित सड़क और पुलिया निर्माण से जुड़ा है, जहां लाखों रुपये की लागत से बनी सड़क एक महीने के भीतर ही क्षतिग्रस्त होने लगी है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और सरकारी धन की बंदरबाट का आरोप लगाया है।

आरोप है कि संविदाकार, जेई, नगर पंचायत अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। बताया जा रहा है कि जहां सड़क निर्माण में निर्धारित मानक के अनुसार छह इंच ढलाई होनी चाहिए थी, वहां मात्र दो इंच ढलाई की गई। इतना ही नहीं, बिना पीसीसी कराए कच्ची जमीन पर ही सड़क की ढलाई कर दी गई, जिसके चलते निर्माण के साथ ही सड़क उखड़ने लगी।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, निर्माण कार्य में हुई कथित अनियमितताएं उजागर हो रही हैं। कुछ ही महीनों में सड़क की हालत खराब हो जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और प्रदेश सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जाता है कि नगर पंचायत अध्यक्ष विश्राम प्रसाद बैसवार, पूर्व ईओ ऋचा यादव और लिपिक गणेश तिवारी पूर्व में जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जा चुके हैं। इसके बावजूद कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश न लगने से लोगों में आक्रोश है।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अपर्णा मिश्रा का कहना है कि मामले को दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या मामला केवल आश्वासन तक सीमित रह जाता है।