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— ग्रामीणों की सूचना पर हरकत में आई चोपन पुलिस, बच्चों को चाइल्ड केयर को किया सुपुर्द

Sonbhadra । जनपद के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत परासपानी टोले में बीते करीब 10 से 15 दिनों से भटक रहे तीन मासूम बच्चों के मिलने से इलाके में संवेदना का माहौल बन गया। ग्रामीणों की सूचना पर चोपन पुलिस तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर बच्चों को अपने संरक्षण में लेते हुए जांच शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को ग्रामीण राजकुमार गोंड ने बताया कि परासपानी टोले में तीन मासूम बालक बीते करीब दो सप्ताह से इधर-उधर भटकते हुए देखे जा रहे थे। भूख लगने पर वे गांव में शादी-विवाह अथवा घर-घर जाकर भोजन कर अपनी भूख मिटा रहे थे। गुरुवार शाम गांव में एक लड़की की गवना विदाई कार्यक्रम में पहुंचे इन बच्चों को देखकर ग्रामीणों ने पूछताछ की, जिसके बाद पूरी घटना सामने आई। मासूम बच्चों की स्थिति देखकर वहां मौजूद लोगों का दिल पसीज गया।
पूछताछ में सबसे बड़े बालक ने अपना नाम कैरा (9 वर्ष) बताया। उसके अनुसार दूसरे भाई का नाम टेंपू (6 वर्ष) तथा सबसे छोटे भाई का नाम कलुआ (3 वर्ष) है। बच्चों ने बताया कि उनके पिता का नाम शिवकुमार है, जो फफराकुंड के निवासी हैं। बच्चों के अनुसार वे अपनी नानी के घर पिंडारी, झरिया गांव गए थे, जो अमिला धाम की ओर पड़ता है। वहां से वे समदा होते हुए चुरुई मार्ग की तरफ पहुंचे और भटकते-भटकते कोटा क्षेत्र के परासपानी तक आ गए।
गांव की एक वृद्ध महिला, जिन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता तथा उनके पति को सुनने में दिक्कत है, ने बताया कि बच्चों के माता-पिता उन्हें यह कहकर छोड़ गए थे कि वे किसी काम से बाहर जा रहे हैं और जल्द वापस आकर बच्चों को ले जाएंगे। हालांकि लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई उन्हें लेने नहीं पहुंचा। वृद्ध दंपत्ति ने बताया कि दोनों दिव्यांग होने के कारण बच्चों की देखरेख कर पाना उनके लिए कठिन हो रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने इसकी सूचना डायल 112 और चोपन थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा एवं हल्का इंचार्ज रामफेर यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
इस संबंध में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि तीनों बच्चों को संरक्षण में लेकर भोजन कराया गया है तथा उन्हें चाइल्ड केयर के सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही बच्चों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।