संवाददाता@रामबली मिश्रा…

एमटीपीसी रिहंद परियोजना द्वारा बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 के अंतर्गत छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है।
एनटीपीसी ने वर्ष 2018 में नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत बालिका सशक्तिकरण मिशन की शुरुआत की थी। प्रारंभ में इसे विंध्याचल, सिंगरौली और रिहंद परियोजनाओं में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया गया। कार्यक्रम को मिली सफलता के बाद वर्ष 2019 से इसे एनटीपीसी की सभी परियोजनाओं एवं स्टेशनों पर बड़े स्तर पर लागू किया गया।

इसी क्रम में एनटीपीसी रिहंद में प्रत्येक वर्ष एक माह का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष अभियान 21 मई से 16 जून 2026 तक संचालित होगा। शिविर में छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, आत्मरक्षा, कौशल विकास, योग, खेलकूद, गुड टच-बैड टच तथा दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हर वर्ष इस कार्यक्रम के लिए लगभग 120 बालिकाओं का चयन किया जाता था, लेकिन इस बार आसपास के विभिन्न सरकारी विद्यालयों से कुल 140 बालिकाओं को शामिल किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 60 बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जबकि शेष छात्राओं का परीक्षण दूसरे चरण में किया जाएगा।
एनटीपीसी रिहंद द्वारा केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि मेधावी छात्राओं के भविष्य को संवारने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 10 बालिकाओं को परियोजना के डीएवी स्कूल में प्रवेश दिलाकर उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी की जा रही है। परियोजना प्रबंधन को विश्वास है कि यह अभियान बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा और वे समाज में अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।