बीजपुर/सोनभद्र.@रामबली मिश्रा….

शुक्रवार को स्थानीय मां दूधइया देवी के प्रांगण में आयोजित नव दिवसीय संगीतमयी श्री राम कथा के प्रथम दिन हिमाचल से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राम मोहन दास रामायणी ने रामचरित मानस में प्रभु श्री राम के अद्भुत चरित्र का वर्णन करते हुए श्रोताओं को सुनाकर भाव विभोर कर दिया।उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसी दास जी महाराज के वर्णित मानस का पाठ कर प्रभु के आदर्श चरित्र को अपने जीवन में उतार ले तो उसे कभी दुख का एहसास होगा ही नहीं।
जो सब कुछ त्याग कर परोपकार व उद्धार के लिए वन को चल दिए अगर आज किसी को कहा जाय कि अपने घर परिवार को त्याग कर परोपकार के लिए खड़े हो तो शायद बिरले कोई होगा।कथा के दौरान सियाराम मय सब जग जानी करहु प्रणाम जोर जुग पानी के चौपाई को सुनाकर प्रभु के महिमा का एहसास कराया।
वही माँ सीता के पतिव्रता का वर्णन करते हुए महिलाओं सीख लेने के कहा कि रावण हरण के पश्चात लंका में रावण को नजर से देखी नहीं अगर देखती तो वह भस्म हो जाता ,,तृण धरी ओट कहत वैदेही के मार्मिक चौपाई सुनाकर खचाखच भरे पंडाल के श्रद्धालु श्रोताओं को ताली बजाने के लिए विवश कर दिया।

सीता हरण के समय जटायु पक्षी के धर्म युद्ध का मार्मिक वर्णन कर उदाहरण प्रस्तुत किए की आज कोई ऐसा है जो अपने प्राणों की बाजी लगाकर ऐसे गलत कार्यों का विरोध करे।
अंत में बेड़ियां हनुमान मंदिर के महंत मदन गोपाल दास ने अयोध्या से आये संत ,महंत,और सहयोग करने वाले श्रद्धालाओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
कथा के पश्चात राम धुन संकीर्तन,आरती और प्रसाद वितरण कर कथा समापन किया गया।आज की कथा शिव विवाह का होगा।इस मौके पर मुख्य यजमान इंद्रेश सिंह, सुनील तिवारी, बिका रावत, सतवंत सिंह, श्रीराम यादव सहित भारी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।