दुद्धी/सोनभद्र.@मोहम्मद इब्राहिम….

तहसील मुख्यालय स्थित आसपास के सभी क्षेत्रीय गांव में भी देवी धाम व प्राचीन मंदिरों ,में भक्तों के आस्था का जनसैलाब उमडा रहा। वही सुबह से ही विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग नगर में भगवा पताका बजरंगी झंडा लगाते हुए नजर आए और एक दूसरे को बजरंगी झंडा भी दिया जिससे नवरात्र के शुरुआत होने की पवित्र खुशबू सुबह से ही महकती नजर आए।
भक्तों ने सुबह से ही प्राचीन मंदिरों के कपाट खुलने के बाद माता रानी को गुलहड़ के फूल ,निवेद प्रसाद, फल फूल नारियल ,दिया ,बाती के साथ जल चढ़कर पूरे विधि विधान से माता रानी दर्शन-पूजन कर मातारानी का जयकारा लगाते रहे ,जिससे दुद्धी नगर पूरा तरह से भक्तिमय हो गया। वही चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रथम देवी शैलपुत्री माता की पूजा करने हेतु प्राचीन मां काली मंदिर एवं दुर्गा मंदिर रामनगर सहित अन्य मंदिरों में काफी भीड़ देखी गई।
जैसे ही कपाट खुला लोगो ने आरती-पूजन में सम्मिलित होकर माता के दरबार में मत्था टेका। पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की गई। इसके साथ ही लोगों ने कलश स्थापना कर नौ दोनों का कठिन अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
वासंतिक नवरात्र के पहले दिन दुद्धी नगर के मां काली मंदिर ,पंचदेव मंदिर, संकट मोचन मंदिर ,रामनगर शिव मंदिर , डीहवार बाबा रामनगर अखाड़ा परिसर, दुर्गा मंदिर कलकली बहरा हीरेश्वर मंदिर लौआ पहाड़, विष्णु मंदिर ,शिवाला मंदिर, महावीर मंदिर सहित क्षेत्र के आसपास गांव में स्थापित देवी धाम पर सुबह से ही लोग साफ सफाई कर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया।
जिससे वातावरण भक्ति में लगे और दर्शन करने वाले भक्तों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े , पूजा करने के लिए हाथ में पूजा की थाली लिए महिलाओं ने सबसे पहले पूजन किया। साथ ही लोगों ने नीम के पेड़ में जल देकर माता शीतला की पूजा की।