ओबरा/सोनभद्र. @सौरभ गोस्वामी…..

स्थानीय श्री राम नगर स्थित ॐ श्री सदाशिव महादेव मंदिर प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन भक्ति की अविरल धारा बही। कथा व्यास माधवाचार्य पं. महेशदेव पांडेय जी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का इतना सजीव वर्णन किया कि पूरा पंडाल ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा।
कथा के चतुर्थ दिवस पर व्यास जी ने सर्वप्रथम वामन अवतार और राम जन्म की संक्षिप्त कथा सुनाते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। इसके पश्चात, जैसे ही प्रसंग द्वापर युग में पहुंचा, माहौल पूरी तरह कृष्णमय हो गया। व्यास जी ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है और आसुरी शक्तियां प्रबल होती हैं, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने कंस के अत्याचारों और वसुदेव-देवकी के कारागार प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया।
जैसे ही कथा में मध्यरात्रि में भगवान के प्राकट्य का समय आया, शंख, घड़ियाल और नगाड़ों की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाल गोपाल का स्वागत किया। श्रद्धालु ‘नंद के आनंद भयो’ गीतों पर झूम उठे। कथा स्थल को गुब्बारों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। इस दौरान वासुदेव द्वारा कृष्ण को टोकरी में लेकर गोकुल ले जाने की सुंदर झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान पं. प्रमोद चौबे ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन किया और बाल गोपाल की आरती उतारी। अंत में, उपस्थित विशाल जनसमूह को प्रसाद वितरित किया गया। व्यास जी ने बताया कि कल की कथा में भगवान की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का वर्णन किया जाएगा।
