सलखन/सोनभद्र. @बद्री प्रसाद……
— सोनभद्र में दम तोड़ता जा रहा है पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘हर घर नल ‘ योजना

केंद्र और राज्य सरकार की महत्वकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ (हर घर नल योजना) सोनभद्र के रावर्ट्सगंज विकास खंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत समेत आसपास के सुदूरवर्ती पहाड़ी ग्रामीण अंचलों के विभिन्न टोलो में पानी की आपूर्ति न हो तो लोग हो-हल्ला, शोरगुल तथा तमाम शिकायतें करते हैं और जब पेयजल की आपूर्ति की जाती है तो वही लोग पेयजल का खुला दुरुपयोग करते हैं।टोटी को खुला छोड़ देते हैं जो बिना काम के पानी बहता रहता है।इतना ही नहीं कुछ ग्रामीण किसान पानी का उपयोग अपने खेत, क्यारियों, पौधों, बागवानियों को सिंचने में उपयोग करते हैं।
जहां सरकार एक तरफ लोगों को स्वच्छ जल मुहैया कराकर लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराना चाहती है वहीं दूसरी तरफ लोग सरकार के इस करोड़ों के प्रोजेक्ट को मटियामेट,धराशाही करने पर लगे है।
इस संबंध में टीम ने रावर्ट्सगंज विकासखंड के मारकुण्डी गांव का निरीक्षण किया तो ज्ञात हुआ कि मारकुंडी के विभिन्न टोलो तेलाई चकरिया,पेड़हवा,कुशहिया, पनिकिनिया,सात नंबर,अकेलवा, बेलछ, रूदौली,मकरीबारी समेत तमाम इलाकों में ग्रामीण व किसान मा.प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट महत्वाकांक्षी योजना ‘”हर घर जल योजना'”दम तोड़ता नजर आ रहा है ।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि महेंद्र यादव,रामसिंह गोंड, सुक्खू बैगा,सुरेश बैगा,चांद खान,रामबली बैगा,दीपक बैगा समेत तमाम किसान अपने खेतों,क्यारियों, पेड़-पौधों इत्यादि की सिंचाई करते नजर आये। कहीं-कहीं तो पानी अपने अपने मन से फिजूल में बहता पाया गया। जिस पर किसी भी जिम्मेदारों का ध्यान कदापि नहीं जा रहा है। यदि कोई इस पर कार्रवाई की बात करता भी है तो उन्हें तरह-तरह की धमकियां भी दी जाती हैं।
एक संबंध में जब पेयजलआपूर्ति विभाग से संपर्क किया गया तो बताया गया कि विद्युत का भयंकर संकट है।नियमित विद्युत सप्लाई नहीं मिल पाती है मिलती भी है तो नाममात्र।विद्युत सप्लाई मिलते ही तीनों टंकियों को भरकर सप्लाई नियमानुसार तथा समयानुसार कर दिया जाता है बावजूद इसके गर्मी सर पर है तब भी ग्रामीण किसान इस पर तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं पानी का दुरुपयोग करने पर आमादा रहते हैं।
इस संबंध में क्षेत्र के गणमान्य प्रबुद्ध, बुद्धिजीवी नागरिकों ने शासन -प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराते हुए अविलंब ही उचित कार्रवाई करवाकर नियमित पेयजल आपूर्ति किए जाने की मांग की है।