अनपरा/सोनभद्र. @उमेश सिंह…..

अनपरा तापीय परियोजना में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक कर्मचारी की पत्नी अपने मासूम बच्चों के साथ परियोजना के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि उसके पति ने बीते एक वर्ष से घर का खर्च देना बंद कर दिया है और घर आना भी छोड़ दिया है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक संकट से जूझ रही महिला ने मजबूर होकर यह कदम उठाया।
पीड़िता हबीबुन्निशा ने बताया कि उसकी शादी करीब 15 वर्ष पूर्व रविंद्र कुमार से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। विवाह के कुछ वर्षों तक पारिवारिक जीवन सामान्य रहा और उनके दो बच्चे भी हैं। लेकिन पिछले एक वर्ष से पति ने न केवल घर खर्च देना बंद कर दिया, बल्कि घर आना-जाना भी छोड़ दिया है। कई बार समझाने और बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
महिला ने आरोप लगाया कि उसने अपने पति से लेकर परियोजना के अधिकारियों तक से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई ठोस सहायता नहीं मिली। मजबूरी में वह अपने बच्चों के साथ परियोजना के एक नंबर गेट पर धरने पर बैठ गई, ताकि उसकी पीड़ा को सुना जा सके।
धरने की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ के जवान मौके पर पहुंचे और महिला को हटाने का प्रयास किया, लेकिन महिला धरने पर डटी रही। बाद में घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला से बातचीत की और परियोजना प्रबंधन से भी मामले को लेकर चर्चा की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं परियोजना प्रबंधन ने भी महिला को उचित मदद और समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया है।
इस घटना को लेकर परियोजना क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते समाधान न होने से पीड़ित परिवार को सड़क पर उतरना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और प्रबंधन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं।