@जेo केo/सोनभद्र……
— कमेटी के अध्यक्ष एडीएम न्यायिक ने कहा कि रिमाइंडर नोटिस की जाएगी जारी

Sonbhadra । करीब दो हफ्ते पूर्व चर्चित घोरावल क्षेत्र में स्थित बाजार में बने पुराने थाना भवन को जमीनदोज कर दिया गया था, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की शिकायत पर डीएम बद्री नाथ सिंह ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की थी, करीब 15 दिन से ज्यादा का समय गुजर गया लेकिन अभी तक दावा करने वाला पक्ष कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कर पाया।
बता दें कि काफी चर्चित रहा जिले का यह मामला सुर्खियों में तब आया था जब रातों-रात पुराने थाना भवन को बुलडोजर से गिरा दिया गया था, यह भवन घोरावल क्षेत्र के बीच बाजार में स्थित था, छह बिस्वा में बना यह भवन उस समय बनाया गया था जब अंग्रेज का शासन हुआ करता था, थाना भवन के अलावा चौकी और अन्य कार्यालय भी संचालित थे।
सन 1856 में इस जगह पर घोरावल थाना बनाया गया था, जो डेढ़ बीघा में था, 170 साल तक यह थाना संचालित था, दो दशक पूर्व थाना एक किलोमीटर दूर स्थापित कर दिया गया था तब से यह भवन वीरान सा पड़ा था। दावा करने वालों के द्वारा छह बिस्वा में काबिज थाने को जमीनदोज कर दिया गया था।

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर मामले की जांच के लिए गुहार लगाई थी, बताया गया कि लग्जरी गाड़ियों से कई बंदूक धारी उस स्थल पर पहुंचे थे जिसमें अभी मामला लंबित है, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, चर्चा है कि 170 साल जिस जगह पर थाना और तहसील संचालित हो वह किसी और की कैसे हो सकती है,।चर्चा यह भी है कि लेखपाल ने ही पूरा झोल किया है।

2 हफ्ते से ज्यादा का समय गुजर जाने के मामले में जांच कमेटी के अध्यक्ष एडीएम न्यायिक रमेश कुमार ने बताया कि अभी तक कोई कागज दूसरे पक्ष द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है, अगले पक्ष को पुनः रिमाइंडर नोटिस जारी किया जाएगा, जिससे मामले की जांच सही दिशा में आगे बढ़ सके, बता दें कि डीएम ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसमें एडीएम न्यायिक अध्यक्ष के अलावा एसडीएम घोरावल, सीओ घोरावल और नगर पंचायत घोरावल के अधिशासी अधिकारी घोरावल को नामित किया गया था।
अब देखना होगा कि कब तलक जमीन का दावा करने वाले कमेटी को अभिलेख उपलब्ध करा पाते हैं, उसके बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई क्या होगी।