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Karate Championship: जूही प्रजापति ने राजस्थान कराटे चैंपियनशिप में पदक अपने नाम किया है. महज 14 साल की उम्र में जूही अबतक कई पदक अपने नाम कर चुकी है. एक बार फिर इस नन्ही सी लड़की ने कराटे में कमाल किया है.
जमुई जिले के सिमुलतला की रहने वाली जूही प्रजापति ने एक बार फिर से अपना और अपने जिले का नाम रोशन किया है. जूही प्रजापति ने राजस्थान कराटे चैंपियनशिप में पदक अपने नाम किया है. महज 14 साल की उम्र में जूही अबतक कई पदक अपने नाम कर चुकी है. एक बार फिर इस नन्ही सी लड़की ने कराटे में कमाल किया है. दरअसल जूही प्रजापति के राजस्थान के जयपुर में आयोजित कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर निशाना साधा है. बताते चलें कि जयपुर के मुरलीपुरा स्थित श्रीराम स्पोर्ट्स किंगडोम में आयोजित राजस्थान कराटे प्रीमियर लीग (यूथ लीग) का आयोजन किया गया था.
400 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया था हिस्सा
इस प्रतियोगिता में कराटे क्वीन जूही कुमारी ने 12–13 वर्ष आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम किया है. इस स्वर्ण पदक के साथ जूही ने अपने खेल करियर में 50 गोल्ड मेडल पूरे कर लिए हैं. इस प्रतियोगिता में पूरे राजस्थान से 400 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया. जहां जूही ने इस प्रतियोगिता जीत हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. बताते चलें कि जूही अब तक 50 गोल्ड 13 सिल्वर और 9 ब्रोंज के साथ टोटल 72 मैडल अपने नाम कर चुकी है. जूही के पिता मंटू पंडित ने बताया कि इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को अब ऑल इंडिया कराटे लीग में भाग लेने का अवसर मिलेगा.
मजदूर हैं जूही के पिता मंटू प्रजापति
बताते चलें कि जूही अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है और इन प्रतियोगिताओं में 70 से अधिक पदक अपने नाम कर चुकी है. जूही के पिता एक मजदूर हैं. मूल रूप से जमुई जिले के झाझा प्रखंड क्षेत्र के सिमुलतला के रहने वाले मंटू प्रजापति की बेटी जूही प्रजापति खेलों में अपना नाम कर रही है, तो पिता मजदूरी कर अपनी बेटी का सपना पूरा करने में लगे हुए हैं. पिता राजस्थान के जयपुर में रहकर मजदूरी करते हैं. मंटू प्रजापति का कहना है की बेटी दिन में स्कूल जाती है, और शाम में खेलों की प्रैक्टिस करती है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि अपनी बेटी का सपना पूरा करें और उसे एक बड़ा खिलाड़ी बनाएं. इसके लिए हमें जितनी भी मेहनत करनी पड़ेगी, हम करेंगे. जूही की सफलता के बाद परिवार सहित पूरे जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है.

