Last Updated:
भोजपुर जिले के जगदीशपुर नगर के किला गढ़ निवासी 13 वर्षीय पलक सिंह ने 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप पिस्टल 2025 में क्वालिफाई कर जिले का मान बढ़ाया है. नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा नई दिल्ली में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रतियोगिता में पलक ने प्रदर्शन करते हुए सब यूथ वूमेन वर्ग में क्वालिफिकेशन हासिल किया.

भोजपुर जिले के जगदीशपुर नगर के किला गढ़ निवासी 13 वर्षीय पलक सिंह ने 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप पिस्टल 2025 में क्वालिफाई कर जिले का मान बढ़ाया है. नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा नई दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पलक ने प्रदर्शन करते हुए सब यूथ वूमेन वर्ग में क्वालिफिकेशन हासिल किया.

पलक की इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे नगर में खुशी का माहौल है. इससे पूर्व वह नालंदा जिले के कल्याण बिगहा में आयोजित राज्य स्तरीय बिहार शूटिंग प्रतियोगिता में दस मीटर एयर पिस्टल शूटिंग के सब यूथ वूमेन वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं.उस वक्त भी पलक भोजपुर जिले के लिए मेडल पाने वाली इकलौती खिलाड़ी रहीं थी.

उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे पिता कुंवर अभिजीत का अथक परिश्रम और समर्पण महत्वपूर्ण रहा. बिना किसी शूटिंग क्लब से जुड़े, पलक ने पिता के मार्गदर्शन में मात्र नौ महीने की ट्रेनिंग लेकर घर पर ही अभ्यास किया. राइफल शूटिंग के गोल्ड मेडलिस्ट रहे पलक के पिता कुंवर अभिजीत ने बताया कि क्वालिफाई करने के लिए 600 में 500 अंक आवश्यक थे, जिसमें पलक ने शानदार 522 स्कोर हासिल कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

साल की शुरुआत में पलक ने एक दिन अपने पिता से बातों ही बातों में शूटिंग सीखने की चर्चा की.पिता ने मार्च 2025 में पलक को घर में रखे राइफल देकर शूटिंग की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी. जिसके बाद महज नौ महीने के ट्रेनिंग के बदौलत पलक ने नेशनल क्वालीफाई कर लिया.बता दे कि शूटर पलक सिंह बाबू वीर कुंवर सिंह जी की वंसज है.

नगरवासियों ने पलक को बधाइयां देते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर जगदीशपुर और बिहार का गौरव बढ़ाती रहेंगी. पलक सिंह को यह गेम विरासत में मिला है. पलक के पिता कुंवर अभिजीत को बचपन से ही इस गेम में रुचि हैं. अपने पिता के नक्शे कदम पर पलक ने अपने घर से ही 10 मीटर एयर पिस्टल की प्रैक्टिस शुरू की.

