लखीसराय. अगर आप खेल के क्षेत्र में नाम बनाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से आप उसमें आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. खेल सामग्री की खरीद नहीं कर पा रहे हैं, या अच्छी ट्रेनिंग नहीं ले पा रहे हैं. तो आपके लिए बहुत अच्छी खबर है. बिहार में खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में नाम बनाने के लिए सरकार की तरफ से कई सारी योजनाएं योजनाओं का लाभ दिया जाता है. अगर आप खिलाड़ी है तो आपको सरकारी सहायता मिल सकती है. जिसमें आपको 3 लाख रुपए से लेकर 20 लाख रुपए तक प्रतिवर्ष की सहायता मिल सकती है. इतना ही नहीं एक नहीं बल्कि दो दर्जन अलग-अलग खेलों के तैयारी के लिए यह सहायता दी जाती है. ऐसे में अगर आप भी खिलाड़ी है तो आप इन सभी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं.
लखीसराय जिला खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन ने बताया कि खिलाड़ियों की सहायता के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चल रही है. जिसमें प्रेरणा, सक्षम और उत्कर्ष शामिल हैं. यह योजनाएं प्रतिभावान खिलाड़ियों को उत्साहित करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए चलाई जा रही हैं. जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि जमीनी स्तर पर प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा नामक योजना चलाई जाती है. जिसमें वैसे खिलाड़ी जिन्होंने किसी भी प्रतिस्पर्धा में पदक जीता है. साथ ही अगर उसका चयन राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशिक्षक, खेल प्रशासक और बीसीए द्वारा नामित खेल वैज्ञानिक के द्वारा किया जाता है, तब वह इस योजना का लाभ ले सकते हैं. इस योजना के तहत अधिकतम 500 खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 3 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाती है.
इस योजना में मिलेंगे 20 लाख रुपए
जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा सरकार के द्वारा सक्षम नामक योजना चलाई जाती है. सक्षम में वैसे एथलीट जिन्होंने मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया हो और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेल में पदक जीता हो, राष्ट्रीय स्तर पर टीम गेम्स में टॉप चार में स्थान हासिल किया हुआ हो, या वैसे एथलीट जिन्होंने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय महासंघ द्वारा आयोजित जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता हो. उन्हें प्रत्येक साल 5 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी. इसमें प्रत्येक साल अधिकतम 200 खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जाती है.
वहीं ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता हो, या सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेता हो या भाग लिया हो, उन्हें प्रत्येक साल 20 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है. ऐसे 25 खिलाड़ियों को प्रत्येक साल सहायता उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है. इसके बाद उन खिलाड़ियों का मूल्यांकन किया जाएगा और तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति के द्वारा उनका नाम चयनित करने पर उन्हें आर्थिक सहायता दी जाएगी.
इन खेलों के लिए दी जाती है आर्थिक सहायता
जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इन तीनों योजनाओं में 24 खेल में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. जिसमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, साइकिलिंग, तलवारबाजी, कबड्डी, पैरा स्पोर्ट्स, रग्बी, सेपक टाकरा, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, कुश्ती, फुटबॉल, तीरंदाजी, मुक्केबाजी, शतरंज, बधिर और विशेष खेल, हॉकी, लॉन बॉल, शूटिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और वूशु शामिल है. इसमें उपकरण किट, कोचिंग, प्रशिक्षण, यात्रा भत्ता, विदेश में प्रशिक्षण सहित और भी कई तरह के खर्च सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं.
