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ISSF World Championships: 48 साल के शूटर जोरावर संधू ने ट्रैप स्पर्धा के तीसरे और अंतिम दिन प्रभावशाली प्रदर्शन किया और छह निशानेबाजों के फाइनल में 31 अंक बनाए.
जोरावर संधू ने जीता ब्रॉन्ज मेडल. नई दिल्ली. अनुभवी भारतीय ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह संधू की लगभग तीन दशक की कड़ी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने एथेंस में अपना पहला आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप (शॉटगन) कांस्य पदक जीता. इस पदक ने भारत को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपना खाता खोलने में मदद की. इस अड़तालिस वर्षीय निशानेबाज ने ट्रैप स्पर्धा के तीसरे और अंतिम दिन प्रभावशाली प्रदर्शन किया और छह निशानेबाजों के फाइनल में 31 अंक बनाए.
फाइनल में संधू ने क्रोएशिया के कई बार के विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता और पूर्व यूरोपीय चैंपियन एंटोन ग्लासनोविक से आगे रहकर कांस्य पदक जीता. यह संधू के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी. संधू, विवान कपूर और भौनीश मेंदीरत्ता की टीम ने 352 का कुल स्कोर बनाकर 10वां स्थान हासिल किया. महिला ट्रैप स्पर्धा में भारत की आशिमा अहलावत 73 निशानेबाजों में 109 अंक के साथ 40वें स्थान पर रहीं जबकि नीरू (109) 43वें और कीर्ति गुप्ता (101) 62वें स्थान पर रहीं. टीम का कुल स्कोर 319 से आठवें स्थान पर रही.
स्पेन ने 355 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता. मिश्रित ट्रैप टीम स्पर्धा शनिवार से शुरू होगी जिसमें दो भारतीय जोड़ियां प्रतिस्पर्धा करेंगी.

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें

