बीजपुर/सोनभद्र. (रामबली मिश्रा)…..
__अन्नदाताओं को धान बिक्री के लिए 50 किलोमीटर के दायरे में कोई क्रय केन्द्र नही

म्योरपुर विकास खंड के अन्तर्गत जरहा, खमहरिया, महरीकला, पिंडारी, नेमना, सिरसोती, डोडहर, अंजानी आदि दर्जनभर गांवो के हजारों अन्नदाताओं ने जिलाधिकारी से धान क्रय केन्द्र खुलवाए जाने की मांग किया है।
किसानों का कहना है कि महंगे दामों पर खाद, बीज, मजदूरी व कठिन परिश्रम कर धान को तैयार किया जाता हैं क्षेत्र में आसपास धान क्रय केन्द्र न होने से फसल का उचित दाम नहीं मिल पाता इससे बिचौलियों के हाथों औने पौने दाम पर धान बिक्री के लिए अन्नदाता बेचने को मजबूर हो जाता है।जिससे उसके खर्च किए गए लागत तक नहीं निकल पाता सरकार द्धारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके लिए धान क्रय केन्द्र की समुचित व्यवस्था करनी है। लेकिन संबंधितों के लापरवाही की वजह से उनको सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहे है।
अगर अन्नदाताओं को अपना तैयार धान का फसल सरकारी दर पर क्रय केन्द्र पर बेचते तो उनका पूरा दाम मिल पाता जरहा न्याय पंचायत में एक भी धान क्रय केंद्र न होने से किसानों के तैयार हो रहे धान के फसल की बिक्री को लेकर अभी से चिंता सताने लगी है।
अन्नदाता राजेन्द्र सिंह बघेल, गौरव सिंह बघेल, त्रिभुवन नारायन सिंह , राहुल सिंह , रोहित सिंह, प्रवीण सिंह, श्याम सुन्दर जयसवाल, तीरथ गुर्जर, प्रेमलाल , सतनारायण जयसवाल, जस कुमार गुर्जर, अंबिका गुर्जर, लालचंद गुर्जर, विश्वनाथ गुर्जर, सतनारायण, अशोक कुमार, ईश्वर प्रसाद, सत प्रसाद, राम प्रताप, रूपचंद गुर्जर, कैलास गुर्जर सहीत सैकड़ों अन्नदाताओं ने बताया की सैकड़ो कुंटल हम लोगो का धान का पैदावार होता है।
लेकीन धान क्रय केन्द्र न होने से हम लोगो के समक्ष धान बेचने की भारी समस्या बनी हुई है। इस क्षेत्र के लिए मात्र एक दुद्धी में ही क्रय केंद्र है जो करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर है जहां पर हर किसानों को संसाधनों का भाड़ा बहुत देना पड़ता है। जिसके अभाव में पहुंच पाना संभव नहीं है। क्षेत्रीय किसानों ने अपने तैयार हो रहे धान का सरकारी क्रय केन्द्र पर बिक्री के लिए जरहा क्षेत्र में धान क्रय केंद्र खोले जाने की मांग जिलाधिकारी से किया है।
हम सब सैकड़ो किसानो के सामने हमारे क्षेत्र में धान क्रय केन्द्र न खुलने से हम सब धान कहा बेचेंगे इस चिंता से हम अन्नदाताओं की रात की नींद उड़ गई है। दूरदराज क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए संसाधनों का इतना भाड़ा हो जाता है। हम लोगो को फसल की लागत निकाल पाना मुश्किल हो जाता है। हम सब अन्नदाताओं की मांग है। की जिलाधिकारी महोदय मामले का स्वतः संज्ञान लेकर समुचित व्यवस्था कराए ताकि हम सब अन्नदाता सरकारी दर पर अपना फसल बिक्री कर सके। राजेंद्र सिंह बघेल
इस वर्ष अच्छी बारिश होने से धान का पैदावार विगत वर्षो से और अधिक पैदावार होने की उम्मीद है। लेकीन हम सब अन्नदाताओं को हमारे क्षेत्र या आसपास कोइ क्रय केन्द्र न होने से बिक्री करने की सबसे बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। गौरव सिंह बघेल
हम अन्नदाता महंगे दामों पर खाद, बीज, जोताई आदि में काफ़ी लागत लगाते है। तब जाकर धान का पैदावार कर पाते है। हमारे क्षेत्र में कोई धान क्रय केन्द्र न होने से सरकारी दर पर हम लोगो का फसल नही बिक्री हो पाता जिसकी वजह से हम लोगो को पूरा दाम नही मिल पाता नुकसान हो जाता है। राहुल सिंह
हमारे क्षेत्र के अन्नदाताओं के पास संसाधन का अभाव है। जिसकी वजह से हम लोगो के क्षेत्र में कई वर्षो से चपकी में धान क्रय केन्द्र न खोलने से बिक्री के लिए दूरदराज जा पाना और संसाधनों का भाड़ा दे पाना संभव नहीं है। जिसकी वजह से हम लोग बिचौलिए कोे औने पौने दम पर बेचने को विवश है। प्रवीण सिंह