क्रिकेट के इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबले हमेशा से ही तनाव और रोमांच से भरे होते हैं. ट्राइएंगुलर सीरीज से लेकर ICC इवेंट्स तक, दोनों प्रतिद्वदियों ने 12 बार फाइनल में आमना-सामना किया है, जिसमें पाकिस्तान 8 और भारत 4 जीता है मिली. पहले दो फाइनल्स 1980 के दशक में हुए थे, जहां दोनों टीमों ने एक-एक जीत दर्ज की. ये मुकाबले शारजाह और मेलबर्न जैसे मैदानों पर खेले गए थे.
1985 वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट फाइनल (मेलबर्न, 10 मार्च): इस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराया था. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176/9 बनाए थे, जिसमें जावेद मियांदाद ने 48(92) रन बनाए. भारत की और से कपिल देव (3/23) और लक्ष्मण शिवरामकृष्णन (3/35) ने कमाल की गेंदबाजी की. जवाब में रवि शास्त्री के 63(148) और कृष्णमाचारी श्रीकांत के 67(77) ने भारत को 47.1 ओवर में लक्ष्य तक पहुंचाया. श्रीकांत इसमें प्लेयर ऑफ द मैच मिला था.
1986 ऑस्ट्रेल-एशिया कप फाइनल (शारजाह, 18 अप्रैल): यहां पाकिस्तान ने 1 विकेट से रोमांचक जीत हासिल की. भारत ने 245/7 बनाए, जबकि श्रीकांत (75), गावस्कर (92) और वेंगसरकर (50) की बदौलत जीते थे. पाकिस्तान की तरफ से वसीम अकरम ने 3/42 और जावेद मियांदाद ने नाबाद 116(114) रन बनाए थे. जावेद मियांदाद ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच पलट दिया था.
1991 विल्स ट्रॉफी फाइनल (शारजाह, 25 अक्टूबर): पाकिस्तान ने 72 रनों से जीता था. इंजमाम-उल-हक और आमिर सोहेल की पारियों की बदौलत पाकिस्तान ने पहले 257/7 बनाए थे. वहीं भारत की पारी 185 पर सिमट गई थी. पाकिस्तान की जीत कारण थे, वसीम अकरम और वकार यूनिस की घातक गेंदबाजी.
1994 ऑस्ट्रेल-एशिया कप फाइनल (शारजाह, 22 अप्रैल): पाकिस्तान ने 39 रनों से जीत दर्ज की. आमिर सोहेल और बसित अली की फिफ्टीज के चलते पाकिस्तान 250/6 पर पहुंचा था. वसीम अकरम और सोहेल ने दबाव बनाया जिसके बाद भारत 211 पर आउट हो गया. विनोद कांबली (56) और अतुल बेडाडे (44) ने संघर्ष किया, लेकिन जीत दिलवाने में नाकाम रहे.
1998 सिल्वर जुबली इंडिपेंडेंस कप (ढाका): बेस्ट ऑफ थ्री सीरीज का पहला फाइनल भारत ने 8 विकेट से जीता था. वही दूसरा फाइनल पाकिस्तान 6 विकेट से जीता और तीसरा फाइनल भारत ने 3 विकेट से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी. सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर जैसे स्टार्स चमके थे.
1999 पेप्सी कप फाइनल: ये फाइनल पाकिस्तान ने 123 रनों से जीता था, जिसमें शाहिद अफरीदी और इंजमाम की पारियों के चलते पाकिस्तान ने 279 रन बनाए थे. जवाब में भारत की टीम 156 पर ढेर हो गई, सईद अनवर और अकरम ने धमाकेदार गेंदबाजी की थी.
1999 कोका-कोला कप फाइनल (शारजाह, 16 अप्रैल): इस मैच को पाकिस्तान ने 8 विकेट से जीता था. भारत के 196 रन के टार्गेट को पाकिस्तान ने आसानी से चेज कर दिया था. इस मैच में इंजमाम ने 91 रन की शानदार पारी खेली थी.
ICC की स्टेज पर बराबरी
2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (जोहान्सबर्ग, 24 सितंबर): भारत-पाकिस्तान के सबसे यादगार मैचों में से एक है, मिस्बाह के स्कूप और श्रीसांत का कैच सबको याद है. भारत यह मैच 5 रनों से जीता था. गौतम गंभीर (75) और रोहित शर्मा (30*) की पारियां. भारत के 157 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम 152 पर ऑल आउट हो गई. इरफान पठान (3/16) इसमें प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे.
2008 किटप्लाई कप फाइनल (ढाका, 14 जून): इस मैच में पाकिस्तान ने 315/3 का स्कोर खड़ा किया था, जिसमें सलमान बट (129) और यूनिस खान (108) की सेंचुरी शामिल थी. भारत जवाब में 290 बन सका था. युवराज सिंह (56) और एमएस धोनी (64) की कोशिश नाकाम रही और पाकिस्तान ने 25 रनों से जीता गया.
2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल (ओवल, 18 जून): इस मैच में पाकिस्तान ने भारत को 180 रनों से हराया था. फखर जमान (114), अजहर अली (59) और हफीज (57*) रनों से साथ पाकिस्तान ने 338 का स्कोर खड़ा किया. जवाब में भारतीय टीम 158 पर सिमट गई. हार्दिक पंड्या (76) की पारी भी इस हार को नहीं रोक सकी थी. मोहम्मद आमिर (3/16) और हसन अली (3/19) ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी.
एशिया कप में टीम इंडिया मजबूत
लीग और ग्रुप स्टेज की बात करें तो, एशिया कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान 19 बार आमने-सामने हुए हैं. इनमें से भारत ने 12 मैच जीते हैं, जबकि पाकिस्तान को 4 में जीत मिली है और 3 मैच ऐसे हैं जो बिना नतीजे के खत्म हुए हैं. यह आंकड़ा 2025 एशिया कप के सुपर फोर तक का है.
ODI और T20 फॉर्मेट मिलाकर, एशिया कप में भारत पाकिस्तान के बीच अब तक 21 मुकाबले खेले गए हैं. इनमें भारत ने 12 जीते, पाकिस्तान ने 6, जबकि 3 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला है. T20 फॉर्मेट में भारत का 4-1 का रिकॉर्ड शानदार है, जबकि ODI में 8-5 से आगे.
