सलखन/सोनभद्र (बद्री प्रसाद)…..
__चकबंदी विभाग तथा गुरमावासियो की निर्धारित बैठक मे नहीं आए अफसर,मूल आदिवासी वनबंधु किसान हुए मायूस
__रामलीला रंगमंच से वापस घर को लौटे,भारी आक्रोश
__बैठक से आपस में राजनीतिक पैदा होगी-कानूनगो

जा देखा तेरा वादा,वादे पे तेरे हम तो मारे गए, झूठा है तेरा वादा———- सदर विकासखंड व तहसील के अगोरी परगना अंतर्गत गुरमा- मारकुण्डी में चल रहे चकबंदी प्रक्रिया संबंधित जानकारी को लेकर चकबंदी विभाग के लेखपाल,कानूनगो और नगर पंचायत के वार्ड सभासद, नगरवासियों समेत ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव के नेतृत्व में 20 सितम्बर 2025 दिन शनिवार को दिन 10 बजे से गुरमा रामलीला रंग मंच पर चकबंदी विभाग के अधिकारियों द्वारा एक अति आवश्यक बैठक सुनिश्चित किया गया था लेकिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चकबंदी विभाग के लेखपाल और कानूनगो का लोग इंतजार करते रह गये ।
संबंधित विभागीय लोग टालमटोल, बहानेबाजी करते हुए कतिपय कारणों से चकबंदी विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी मौके पर उपस्थित नहीं हुए।जिससे नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा क्षेत्र के गुर्मा तथा आसपास के सैकड़ों महिला पुरुष किसानों में चकबंदी विभाग के प्रति भारी जनक्रोश व्यक्त करते बैरक वापस घर को लौट गये। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान ने चकबंदी विभाग के कानूनगो से सेलफोन पर वार्ता की तो उन्होंने साफ शब्दों में जवाब दिया कि की रामलीला मैदान में बैठक करने से नायब साहब समेत अनेक अधिकारी मना कर रहे हैं।
वहां बैठक करने से राजनीति आपस में पैदा हो जायेगी। किसी ने फोन करके मना किया है, वहां मीटिंग नहीं होगी,तब ग्रामप्रधान ने पूछा कि आखिर मारकुंडी- गुरमा का बॉर्डर कहां तक है? हमें बताया जाय। ईश्वर संबंधितों ने चुप्पी साध ली।
इस अवसर पर मुख्य रुप से एकलाख खान,पन्नालाल,विनोद विश्वकर्मा,कैलाश गोड़,मनोज सिंह, विजय गोड़, सभासद प्रतिनिधि मनोज कुमार, ओमप्रकाश,पारस गोड़ ,रामनरेश यादव,खैराती, दीनदयाल,सुखराम,शिवकुमार,जय राम,रामनारायण, इकबाल कुरैशी, मीना देवी,फूलवंती देवी,गुड्डी देवी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।