रेणुकूट/सोनभद्र (अमिताभ मिश्रा)……
__बिजली उत्पादन के साथ लगातार पानी निकासी जारी, इस वर्ष पांचवीं बार खोले गए फाटक

एशिया के विशालतम बांधों में शामिल रिहंद बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने से गुरुवार की रात तीन फाटक खोल दिए गए। यह इस वर्ष का पांचवां अवसर है जब बांध के फाटक खोलकर पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग और जल विद्युत निगम के संयुक्त प्रयासों से पानी की निकासी के साथ-साथ बिजली उत्पादन भी जारी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि गुरुवार की सुबह 8 बजे एक फाटक खोला गया था। इसके बाद रात 11:30 बजे दूसरा और 11:45 पर तीसरा फाटक खोला गया। शुक्रवार की दोपहर बांध में पानी का इनफ्लो कम देखते हुए बांध के दो फाटकों को बंद भी कर दिया गयाl अधिशासी अभियंता ने बताया कि पहले से एक फाटक खोलकर और 6 टरबाइन चलाकर पानी निकाला जा रहा था, लेकिन जलस्तर घटने की बजाय देर रात फिर से बढ़ने लगा। ऐसे में बांध पर दबाव को देखते हुए तीन फाटक खोलने का निर्णय लिया गया। अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह बांध का जलस्तर 870.4 फीट पर स्थिर बना हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं, जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने कहा कि वर्तमान में 6 टरबाइन चलाकर लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिहंद बांध का जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में पानी बढ़ने की संभावना बनी रहती है। हालांकि विभाग ने दावा किया है कि पूरी स्थिति पर नियंत्रण रखा गया है और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए टीमें तैयार हैं। रिहंद बांध से पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही निचले क्षेत्रों में बसे गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और नदी किनारे या निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं।