सलखन/सोनभद्र (बद्री प्रसाद)…….

जनपद में एक ताजा मामला सामने आया है जिसमें मारकुंडी करगरा मोड़ पर पिछले कुछ महीने में दो घटनाएं घटित हुईं है। जिसने नशे के गिरफ्त में एससी युवाओं द्वारा रास्ते चल रहे राहगीरों व वहां के लोकल दुकानदारों से गली गलौज मारपीट कर वित्तीय उद्देश्यों के लिए एससी/एसटी अधिनियम का दुरुपयोग एससी-एसटी एक्ट की आड़ में युवाओं द्वारा अवैध वसूली एक गंभीर अपराध है।
इस तरह की घटनाएँ एससी और एसटी समुदाय के वास्तविक पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून के मूल उद्देश्य को कमजोर कर रही हैं। इस तरह के मामले सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कानून का दुरुपयोगः इलाहाबाद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने कई मामलों में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है, खासकर वित्तीय लाभ के लिए।
जांच का आदेशः कुछ मामलों में, अदालत ने पुलिस को एफ.आई.आर. दर्ज करने से पहले आरोपों की प्रामाणिकता की जांच करने का निर्देश दिया है।मुआवजे की मांगः कानून के तहत पीड़ितों को मुआवजा मिलता है, जिसका दुरुपयोग गलत तरीके से पैसे निकालने के लिए किया जा सकता है। झूठे दावों के मामले में, न्यायालय मुआवजे पर रोक लगा सकते हैं।
कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए:अगर आपको ऐसे किसी मामले में फँसाया गया है, तो डरें नहीं। कानूनी सहायता लें और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सभी उपलब्ध सबूतों का इस्तेमाल करें। पुलिस को भी ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए और
अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करें: अगर आपको गिरफ्तारी का डर है, तो आप उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि एससी-एसटी एक्ट में सीधे तौर पर अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है, लेकिन न्यायालय झूठे आरोपों के मामलों में राहत दे सकते हैं।
मानहानि का मुकदमा दायर करें: झूठे आरोप लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि का दंड) के तहत केस दायर किया जा सकता है।एफ.आई.आर. रद्द कराएं: अगर आपके खिलाफ झूठी
एफ.आई.आर. दर्ज की गई है, तो आप उच्च न्यायालय में सीआरपीसी की धारा 482 के तहत याचिका दायर करके उसे रद्द करा सकते हैं।
उक्त के संबंध में पीड़ित दिनेश कुमार पाठक, पप्पू यादव ने बताया कि कुछ नवयुवक गुट बनकर लोगों को गाली गलौज करते हैं उसे पर अगर कोई बोलता है तो उसे झगड़ा करते हैं झगड़ा करते-करते मार पीट करने पर भी उतारू हो जाते हैं उनके साथ और भी लोग रहते हैं झगड़ा करते हुए वीडियो बनाकर एससी एसटी लगाने की बात की धमकी देने लगते हैं और उनके घर से उनकी बेटी बहन औरत बाप भाई सब चले आते हैं अगर आपने हमें पैसा नहीं दिया तो मैं एससी एसटी का मुकदमा दर्ज कर दूंगा इस प्रकार से डरा धमकाकर पूरा गैंग बनाकर लोग एससी एसटी का हवाला देते हुए एक बहुत बड़ा समूह बनाकर चले आते हैं और पैसे के लिए डिमांड करने लगते हैं।