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Sachin Yadav Beat Neeraj Chopra: वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप फाइनल में सचिन यादव ने 86.27 मीटर थ्रो कर नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम को पीछे छोड़ा, यूपी पुलिस सिपाही सचिन अब भारत के नए जेवलिन सितारे बन गए हैं. उन्होंने चौथे नंबर पर फिनिश किया.
सचिन यादव ने टोक्यो में कमाल कर दिया. (News18)
सचिन यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही हैं. सचिन का गांव के साधारण परिवेश से निकलकर वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचना सच में प्रेरणादायक है. 25 अक्टूबर 1999 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकरा गांव में जन्मे सचिन यादव बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे. उनके आइडल एम.एस. धोनी और जसप्रीत बुमराह थे. लेकिन एक स्थानीय एथलीट संदीप यादव ने क्रिकेट खेलते हुए उनके चौड़े कंधों और ताकतवर थ्रो को देखकर सलाह दी कि वे जेवलिन आजमाएं. यह सुझाव उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.
तोड़ा 30 साल पुराना रिकॉर्ड
सचिन यादव फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल (सिपाही) के पद पर कार्यरत हैं. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने एथलेटिक्स में अपनी मेहनत जारी रखी. साल 2024 में ऑल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 84.21 मीटर का थ्रो कर उन्होंने 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा और गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद इंडियन ग्रां प्री और नेशनल ओपन में लगातार पदक जीतते हुए उन्होंने साबित किया कि उनका करियर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है.
साल 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (गुमी, साउथ कोरिया) में सचिन यादव ने 85.16 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता. यह उनका पर्सनल बेस्ट भी था और इसी के साथ वे उन चुनिंदा भारतीय थ्रोअर्स में शामिल हो गए जिन्होंने 85 मीटर का आंकड़ा पार किया है.
नीरज चोपड़ा के साथ नई जोड़ी
टोक्यो में वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप के क्वालिफिकेशन राउंड में सचिन यादव ने 83.67 मीटर का थ्रो कर फाइनल में जगह बनाई थी. अब फाइनल में उन्होंने एक वक्त पर नीरज चोपड़ा को भी पछाड़ दिया, जबकि पाकिस्तान के अरशद नदीम तो पीछे ही छूट गए. इससे साफ हो गया कि भारत अब सिर्फ नीरज तक सीमित नहीं है बल्कि सचिन जैसा नया सितारा भी है जो दुनिया के दिग्गजों को चुनौती देने की क्षमता रखता है.
लंबा कद और नेचुरल टैलेंट
6 फीट 5 इंच लंबे सचिन यादव का शरीर जेवलिन थ्रो के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है. उनकी लंबी रीच और तेज कलाई उन्हें अतिरिक्त फायदा देती है. यही कारण है कि बहुत कम समय में वे 80 मीटर से ऊपर लगातार थ्रो करने लगे और अब 85 मीटर क्लब का हिस्सा बन गए हैं. आज सचिन यादव सिर्फ एक एथलीट नहीं बल्कि उस सपने का प्रतीक हैं जो गांव-गांव में पल रहा है. नीरज चोपड़ा की तरह उन्होंने भी साबित किया है कि मेहनत और लगन से कोई भी खिलाड़ी वैश्विक मंच तक पहुंच सकता है. वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप के फाइनल में उनकी मौजूदगी बताती है कि आने वाले समय में भारत के पास दो-दो वर्ल्ड-क्लास जेवलिन थ्रोअर होंगे – नीरज और सचिन.

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

