रेणुकूट/सोनभद्र (अमिताभ मिश्रा)…….

प्रदेश के सबसे बड़े बांध रिहंद बांध का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है। गुरुवार की सुबह बांध का जलस्तर 870.4 फीट तक पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने सुबह 8 बजे एहतियातन एक फाटक खोल दिया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के फाटक पहले ही चार बार खोले जा चुके थे और अब पांचवीं बार पानी का डिस्चार्ज करना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैचमेंट एरिया में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा हुई है। 24 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष 27 जुलाई को पहली बार बांध का फाटक खोलना पड़ा था। उसके बाद अगस्त और सितंबर माह में लगातार वर्षा के कारण चार और बार जलस्तर ज्यादा हो गया जिससे फाटक खोलने पड़े। उन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह बांध का जलस्तर 870 फिट के कुछ नीचे था लेकिन बुधवार की दोपहर बाद से बांध में पानी का इनफ्लो बढ़ गया जिससे गुरुवार की सुबह बांध का जलस्तर 870.4 फीट पर पहुंच गयाl
वहीं जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने जानकारी दी कि रिहंद बांध पर लगी सभी छह टरबाइनें इस समय पूरी क्षमता से चल रही हैं और लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि टरबाइन से लगातार पानी डिस्चार्ज होता रहता है, जिससे जलस्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। बांध के एक फाटक को 15 फीट खोलकर लगभग 10 हजार क्यूसेक और सभी 6 टरबाइनों से 17 हजार क्यूसेक,इस तरह कुल 27 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा हैl
स्थानीय लोगों के अनुसार, बांध का जलस्तर बढ़ने और बार-बार फाटक खोले जाने से सोनभद्र व आसपास के क्षेत्रों में नदी का जलस्तर ऊंचा हो गया है।