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Best Fodder for Animals: अगर किसान अपने खेतों में पौष्टिक और हरे चारे वाली फसल लगाना चाहते हैं तो चरी की खेती उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. इस फसल से पशुओं का स्वास्थ्य सुधरता है, दूध उत्पादन बढ़ता है और मिट्टी की उपज भी बेहतर होती है. एक बार बुवाई करने पर इसे तीन से चार बार काटा जा सकता है.
एक बार बुवाई, तीन से चार बार कटाई
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है इसलिए बारिश के मौसम में इसकी खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है. हरे चारे का ताना मोटा और रसदार होता है, जो पशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी होता है. बुवाई के लगभग 55 से 60 दिनों के बाद पहली कटाई के लिए तैयार हो जाता है.
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खेतों के लिए भी फायदेमंद है चरी
चरी की खेती सिर्फ पशुपालकों के लिए ही नहीं बल्कि खेतों के लिए भी लाभकारी है. गेहूं या अन्य फसलों की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में इसे उगाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह फसल हरी खाद के रूप में भी उपयोगी होती है और मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाती है, जिससे फसलों की उपज में सुधार होता है.
इस प्रकार चरी की खेती न केवल पशुपालकों को बल्कि किसानों को भी आर्थिक लाभ देती है और खेतों की उर्वरता बनाए रखने में मदद करती है. यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है और एक बार बुवाई करने पर कई बार कटाई के लिए तैयार रहती है, जिससे किसान लंबे समय तक इसका लाभ उठा सकते हैं.

पिछले 5 साल से मीडिया में सक्रिय, वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. डिजिटल और प्रिंट मीडिया दोनों का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें लिखना और पढ़ना पसंद है.
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