दरअसल, खुशबू पाटनी ने पिछले दिनों प्रसिद्ध कथा वाचक अनिरुद्ध आचार्य को भला-बुरा कहा था. खुशबू ने आरोप लगाया था कि उन्होंने महिलाओं के खिलाफ विवादित टिप्पणी की है. अपने इंस्टाग्राम पर खुशबू ने एक वीडियो स्टोरी लगाई थी, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘अगर वह मेरे सामने होता तो मैं उसे सबक सिखा देती.’ चलिए जानते है कौन हैं दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी और उन्होंने अनिरुद्ध आचार्य को लेकर क्या कहा था…?
बीते जुलाई में खुशबू पाटनी ने अपनी इंस्टा स्टोरी में अनिरुद्धाचार्य को लेकर कुछ विवादित कमेंट्स किए थे. उनके बयान को पहले प्रेमानंद जी महाराज से जोड़ा गया, जिसपर काफी विवाद खड़ा हो गया था. हालांकि, बाद में खुशबू ने वीडियो जारी करते हुए सफाई दी कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज को नहीं, बल्कि अनिरुद्धाचार्य के लिए कमेंट किया था.
अब इसी मामले में उनके घर फायरिंग हुई है. इस फायरिंग की जिम्मेदारी वीरेंद्र चारण और महेंद्र सारण गैंगस्टर्स ने ली है. उन्होंने दिशा की बहन को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था.
बता दें, दिशा पाटनी की बड़ी बहन खुशबू पाटनी ने अनिरुद्धाचार्य महाराज के उस वीडियो पर अपनी भड़ास निकाली थी, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं, ‘लड़के लाते हैं 25 साल की लड़कियों को, जो 4-5 जगह मुंह मारके आती हैं.’ धर्म गुरु के इस बयान पर भड़कते हुए खुशबू ने लिखा, ‘अगर ये मेरे सामने होता, तो मैं इसको समझा देती कि मुंह मारना क्या होता है. ये लोग देश विरोधी हैं. आपको इनका समर्थन नहीं करना चाहिए.’
प्रेमानंद महाराज पर हमले के रुप में देखा गया था खुशबू का बयान
खुशबू पाटनी ने आगे कहा था, ‘समाज के सारे नामर्द इसे फॉलो कर रहे हैं. कहता है लड़कियां जो लिव-इन में रहती हैं, मुंह मारके आती हैं. उसने ये क्यों नहीं बोला कि लड़के जो लिव-इन में रहते हैं वो मुंह मारते हैं? क्या लड़की अकेली लिव-इन में रहती है? और लिव-इन में रहना क्या गलत है, भैया?’ खुशबू के इस बयान को कई लोगों ने प्रेमानंद जी महाराज पर हमले के रूप में देखा था.
जो रिलेशनशिप पर अपने अलग विचारों की वजह से वायरल हो रहे हैं. वीडियो को गलत तरीके से पेश किए जाने की वजह से ट्रोलर्स ने खुशबू पाटनी पर अपनी भड़ास निकाली थी. बाद में खुशबू ने फर्जी दावों को लेकर अपना एक नया वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने ट्रोल्स को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनका ये बयान अनिरुद्धाचार्य को लेकर है ना की प्रेमानंद जी महाराज पर.

