क्या बोले सचिन मीणा?
सचिन मीणा ने लोकल 18 से बातचीत की. उन्होंने कहा कि 650 करोड़ रुपये के आईटीसी घोटाले से मेरा या मेरी पत्नी का कोई लेना देना नहीं है. यहां तक कि इस मामले की जानकारी तक मुझे नहीं है. हम दोनों पति-पत्नी का नाम फर्जी तरीके से लिया जा रहा है. इस मामले में जो भी दोषी हो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि भविष्य में फिर ऐसा कुछ न हो.
यह है मामला
केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने 650 करोड़ रुपये के फर्जी तरीके से किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाला मामले में बड़ा एक्शन लिया है. ईडी ने फेक इनपुट चैक्स क्रेडिट कांड में दिल्ली, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई उन आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ है, जो गलत तरीके से फर्जी कंपनियों, शैल कंपनियां बनाकर और कागजों में फर्जीवाड़ा करके टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को अंजाम देते रहे हैं.
कैसे हुआ घोटाला?
मसलन साल 2024 में बिहार के दरभंगा जिले में रहने वाले दो चार्टड अकाउंटेंड को भी अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उस पर करीब 100 करोड़ के ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाला’ करने आरोप लगा था. ये दोनों गिरफ्तार आरोपी आशुतोष झा और विपिन झा आपस में भाई हैं. इन दोनों आरोपियों ने तो पाकिस्तान मूल की रहने वाली सीमा हैदर और उसके भारतीय पति सचिन के नाम से भी फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया था.
जांच एजेंसी के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में राहुल जैन की सिद्धिविनायक ट्रेड मर्चेंट नाम की कंपनी चलती है. इन दोनों चार्टड अकाउंटेंड भाइयों ने सीमा हैदर और उसके पति सचिन का फोटो लगाकर एक फर्जी आईडी से इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले को अंजाम दिया था. उन दोनों ने मिलकर राज्य सरकार के करीब 99.21 करोड़ रुपए का गबन कर लिया था, उसके बाद स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था.
