• Privacy Policy
Sonebhadra Live
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

सिर्फ व्यापार नहीं, सांस्कृतिक धरोहर है खुशबूदार विरासत, 189 साल से महकता इत्र, जानें क्‍या है खासियत

Admin by Admin
September 11, 2025
in उत्तर प्रदेश
0
सिर्फ व्यापार नहीं, सांस्कृतिक धरोहर है खुशबूदार विरासत, 189 साल से महकता इत्र, जानें क्‍या है खासियत
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter


Last Updated:September 11, 2025, 23:20 IST

Fragrant heritage of Ghazipur : गाजीपुर का नाम सिर्फ अफीम फैक्ट्री या ऐतिहासिक धरोहरों से ही नहीं जुड़ा है, बल्कि यहां की इत्र परंपरा भी पूरे देश में महक बिखेर रही है.स्टीमर घाट पर स्थित गुरु चरण राम गया राम इत्र की दुकान वर्ष 1836 से लगातार लोगों की यादों और रिश्तों को सुगंधित कर रही है.

गाजीपुर. उत्तर प्रदेश का गाजीपुर केवल अफीम फैक्ट्री या ऐतिहासिक धरोहरों के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां की इत्र परंपरा भी देशभर में अपनी पहचान रखती है. स्टीमर घाट पर स्थित गुरु चरण राम गया राम इत्र की दुकान वर्ष 1836 से लगातार लोगों की यादों और रिश्तों को महका रही है. लगभग दो सदियों से चली आ रही यह खुशबूदार परंपरा अब आठवीं पीढ़ी के हाथों में है. आदित्य केसरी और उनके पिता श्याम केसरी, दादा लाल जी केसरी की देखरेख में इस धरोहर को आगे बढ़ा रहे हैं. दुकान के संचालक श्याम केसरी बताते हैं कि उनका गुलाब जल और इत्र पूरे भारत के बिरला मंदिरों में भेजा जाता है. भगवान के चरणों में चढ़ने वाला चंदन का इत्र और चरणामृत में डाला जाने वाला गुलाब जल सीधे गाजीपुर से पहुंचता है. यही नहीं, बिरला परिवार खुद भी इन इत्रों का उपयोग करता है. खाने-पीने से लेकर स्नान तक, गुलाब जल और इत्र उनकी जीवनशैली का अहम हिस्सा है.

पीढ़ियों से जुड़ी महकदार परंपरा

श्याम केसरी बताते हैं कि पहले केके बिड़ला (कृष्णकुमार बिड़ला) जी यहां से गुलाब जल और इत्र मंगवाते थे. उनके बाद उनकी बेटी नंदिनी बिड़ला जी भी इसका खूब इस्तेमाल करती रहीं. परिवार मिठाइयों और भोजन में इत्र डालकर खाता है, शरबत बनाता है और स्नान के समय गुलाब जल का प्रयोग करता है. यह परंपरा न सिर्फ व्यावसायिक लेन-देन है, बल्कि गाजीपुर की खुशबूदार पहचान का जीता-जागता उदाहरण है. हर साल 12 फरवरी से 28 फरवरी के बीच गाजीपुर से बड़े पैमाने पर इत्र और गुलाब जल बिरला मंदिरों व परिवार तक पहुंचता है. पहले श्याम केसरी खुद सामान लेकर जाते थे, लेकिन अब समय के साथ यह काम कोरियर के जरिए होता है. दर्जनों पेटियों में इत्र और गुलाब जल पैक होकर भेजा जाता है. इसके बदले दुकान को अच्छा-खासा मुनाफा भी मिलता है, लेकिन श्याम केसरी मानते हैं कि असली कमाई उनकी विरासत और पहचान का आगे बढ़ना है.

गाजीपुर की सांस्कृतिक धरोहर

स्टीमर घाट की यह इत्र की दुकान सिर्फ व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि गाजीपुर की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है. करीब दो सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने शहर को देश के नक्शे पर एक अलग महकदार पहचान दी है. आज भी जब गुलाब जल और इत्र की खुशबू बड़े-बड़े मंदिरों और रईस घरानों तक पहुंचती है, तो गाजीपुर की मिट्टी और मेहनत की महक पूरे भारत में फैल जाती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Location :

Ghazipur,Uttar Pradesh

First Published :

September 11, 2025, 23:20 IST

homeuttar-pradesh

Smell of Ghazipur: सिर्फ व्यापार नहीं, सांस्कृतिक धरोहर है खुशबूदार विरासत



Source link

Previous Post

सुपरस्टार की वजह से डूब गया था एक्टर का करियर, जिद पर अड़कर मांगा रोल, रातोंरात बदल डाली अपनी फूटी किस्मत

Next Post

भुखनी बेटी खातिर जितिया… अनु दुबे का दुख भरा जितिया गीत, सुनकर माहौल हो जाएगा भक्तिमय

Next Post
भुखनी बेटी खातिर जितिया… अनु दुबे का दुख भरा जितिया गीत, सुनकर माहौल हो जाएगा भक्तिमय

भुखनी बेटी खातिर जितिया... अनु दुबे का दुख भरा जितिया गीत, सुनकर माहौल हो जाएगा भक्तिमय

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • सोनभद्र. फॉर्म सात का दुरुपयोग रोकने संबंधित डीएम को सौंपा ज्ञापन
  • सोनभद्र. महिला उत्पीड़न की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी
  • ओबरा. भगवान शिव और सती का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
  • बीजपुर. बाईक सवार दो युवक गिरकर घायल, रक्त रंजित घायलों को पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
  • महराजगंज के आशीषित पाल सिंह ने कोच-खिलाड़ी रूप में जीते 8 गोल्ड

Recent Comments

No comments to show.
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.