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Sultanpur News: सुल्तानपुर के गांव में 200 साल पुराने अनजान बाबा पेड़ की पूजा होती है, जिसकी पहचान आज तक नहीं हुई. बिना अनुमति यहां घरों में पूड़ी नहीं बनती है.
पेड़ की नहीं हो पाई पहचान
स्थानीय निवासी रामकुमार यादव लोकल 18 से बताते हैं कि उनकी दो-तीन पीढ़ी से यह पेड़ इस स्थान पर है, लेकिन आज तक कोई भी व्यक्ति इस पेड़ की पहचान नहीं कर पाया. दूर से कोई देखता है, तो ऐसा लगता है कि इसकी पत्तियां शीशम की हैं, लेकिन नजदीक जाने पर यह किस तरह का पेड़ है आज तक कोई नहीं जान सका है.
इस गांव के रहने वाले आशीष कुमार यादव बताते हैं कि यह बहुत ही प्राचीन पेड़ है. इस पेड़ की शाखाएं जमीन से ही निकली हैं और प्रत्येक वर्ष इस पेड़ की कटाई होती है, लेकिन यह फिर से पनप जाता है. इस पेड़ की पहचान आज तक नहीं हो पाई. इसलिए पूर्वजों ने इस स्थान का नाम अनजान बाबा रख दिया और यहां पर आसपास के गांव के ही नहीं बल्कि अन्य जिलों के लोग भी दर्शन और पूजन करने आते हैं.
बिना अनुमति नहीं बन पाती पूड़ी
रामकुमार आगे बताते हैं कि अंजन बाबा स्थल के पास बने घर में जब कोई कार्यक्रम होता है, तो बाबा के बिना अनुमति के पूड़ी नहीं बन पाती, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि जहां पूड़ी बनती है, वह स्थल अनजान बाबा की सीमा के ही अंदर होता है.
स्थानीय लोगों ने उठाई यह मांग
स्थानीय लोगों में रामकुमार यादव,रामकृपाल यादव और अन्य ग्रामीणों ने इस देव स्थल को पक्की सड़क से जोड़ने और यहां पर स्ट्रीट लाइट और बैठने के लिए सीट की मांग सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियां से की है.
मीडिया फील्ड में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2010 से नई दुनिया अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर हिंदुस्तान, ईटीवी भारत, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया समे…और पढ़ें
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